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Thursday, September 26, 2019

चंद्रमा ग्रह का बारह घरों पर प्रभाव : effect of the moon in the 12 houses of horoscope

चंद्रमा ग्रह का बारह घरों पर प्रभाव : effect of the moon in the 12 houses of horoscope


प्रथम घर -: यह जातक रोमांटिक, आधुनिक कौशल, अधीर, आदर्शवादी और शोधकर्ता होते हैं। इनका भाग्‍य क्षीण होता है।

दूसरा घर -: चंद्रमा के दूसरे भाव में होने पर जातक का जन्‍म किसी संपन्‍न परिवार में होता है। वह महिलाओं के जरिए पैसा कमाता है। इनकी आर्थिक स्थिति अस्थिर होती है।

तीसरा घर -: तीसरे भाव में चंद्रमा के पीडित होने पर जातक चरित्रहीन बनता है। उसके प्रोफेशन में बदलाव आते हैं एवं इन्‍हें ट्रैवल करना ज्‍यादा पसंद होता है। यह जिज्ञासु प्रवृत्ति के होते हैं।

चौथा घर -: इन जातकों का अपना घर होता है। इन्‍हें अपने संबंधियों से सम्‍मान प्राप्‍त होता है। यह अहंकार और झगड़ालू होते हैं। यदि चंद्रमा पीडित है तो जातक को अपनी माता से दूर जाना पड़ता है।

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पांचवां घर -: यह जातक ईमानदार, ज्ञानी और भगवान पर विश्‍वास रखने वाले होते हैं। इन्‍हें अधिकारी एवं सलाहकार के रूप में अपने राज्‍य की सेवा करने का मौका मिलता है। संतान से सुख मिलता है।

छठा घर -: छठे भाव में चंद्रमा के होने पर जातक को पेट संबंधी समस्‍याएं रहती हैं। इस भाव में चंद्र की उपस्थिति के कारण बलरिष्‍ठायोग का निर्माण होता है। आपको बता दें कि इस योग में जन्‍म के कुछ समय बाद ही मृत्‍यु संभव है। बचपन में इन्‍हें स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं रहती हैं।

सातवां घर -: यह जातक दूसरों से ईर्ष्‍या भाव रखते हैं एवं इनका ज्‍यादा रूझान शारीरिक संबंध बनाने में रहता है। छोटी उम्र में ही यह जातक अपनी माता को खो देते हैं। सुंदर जीवनसाथी होने के बावजूद इनके विवाहेत्‍तर संबंध होते हैं।

आठवां घर -: यह जातक गलतफहमी में रहते हैं एवं इन्‍हें कम उम्र में ही अपनी माता को खोना पड़ सकता है। यह अकसर बीमार रहते हैं अथवा इन्‍हें मानहानि झेलनी पड़ सकती है। इनकी आंखें कमजोर होती हैं।
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नौंवां घर -: नौंवें भाव में चंद्रमा के उपस्थित होने के कारण जातक भाग्‍यशाली, धनी और प्रसिद्ध होता है। इन्‍हें अधिक पुत्रों की प्राप्ति होती है एवं कई दोस्‍तों का साथ भी मिलता है।

दसवां घर -: इस भाव में चंद्रमा के होने पर जातक धार्मिक, धनी, पुण्‍यात्‍मा, कलाकार और साहसी बनता है। इनके जीवन में कई महिलाएं आती हैं एवं इन्‍हें अनेक गहनों की प्राप्‍ति होती है।

ग्‍यारहवां घर -: यह जातक महिलाओं की सहायता करते हैं। यह स्‍वयं का निरीक्षण कर अपनी गलतियों का सुधार करते हैं साथ ही यह शांत स्‍वभाव के होते हैं। यह प्रसिद्ध व्‍यापारी बनते हैं।

बारहवां घर -: इन जातकों के किसी शारीरिक अंग में असमानता देखी जाती है। यह क्रूर एवं कठोर होते हैं। यह एकाकी एवं बुरा जीवन व्‍यतीत करते हैं। इनकी आंखें कमजोर होती हैं।

बुध की शांति के उपाय मंत्र और रत्न remedies for planet mercury

बुध की शांति के उपाय मंत्र और रत्न remedies for planet mercury

Remedial Measures for Mercury:

Ø Fast on Wednesdays

Ø Offer boiled pulses to poor men

Ø Use green grass in prayers for Lord Ganesha.

Ø Donate green clothes, pulses on Wednesday.

Ø Fast on Wednesday.

Ø Feed a cow with grass of your weight.

Ø Respects females.

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शांति के उपाय -:

- बुधवार के दिन उपवास रखें| 

- उबले हुए मूंग किसी गरीब को दान दें|

- गणेशजी के पूजन में दूर्वा का प्रयोग करें|

- बुधवार के दिन हरे वस्त्र, मूंग की दाल का दान करें।

- अपने वजन के बराबर हरी घास गायों को खिलाएं|

- बहन व बेटियों का सम्मान करें|

Mercury is the prince in the planetary kingdom. If it is conjoined with malefic then it acts as a malefic and vice versa. It controls wit and logic. Thus it should be benefic in the chart. If it is not a benefic planet then one can recite the following mantras to appease mercury:

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Vedic Mantra:
ऊँ उद्बुध्यस्वाग्ने प्रतिजागृहि त्वमिष्टापूर्ते स सृजेथामयं च।
अस्मिन्त्सधस्थे अध्युत्तरस्मिन्विश्वे देवा यजमानश्च सीदत।।

Gayatri Mnatra:
ऊँ चन्द्रपुत्राय विदमहे रोहिणी प्रियाय धीमहि तन्नोबुध: प्रचोदयात।

Beej Mantra:
ऊं बुं बुधाय नम:

Tantric Mantra -:
ऊँ ऎं स्त्रीं श्रीं बुधाय नम:
ऊँ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:
ऊँ स्त्रीं स्त्रीं बुधाय नम:


बुध ग्रह को ग्रहों में राजकुमार की उपाधि दी गई है लेकिन जन्म कुंडली में यदि बुध अशुभ ग्रहों के साथ है तो यह अशुभ होता है और यदि शुभ ग्रहों के प्रभाव में है तो यह शुभ फल प्रदान करता है। मनुष्य को कोई भी छोटे से छोटा अथवा बड़े से बड़ा काम करने के लिए बुद्धि तो लगानी ही पड़ती है इसलिए बुध को बली बनाना आवश्यक है। यदि अशुभ है तो उसे शुभ बनाना जरुरी है। इसके लिए बुध के निम्‍न मंत्रों का जाप करें -:

वैदिक मंत्र -:
ऊँ उद्बुध्यस्वाग्ने प्रतिजागृहि त्वमिष्टापूर्ते स सृजेथामयं च।
अस्मिन्त्सधस्थे अध्युत्तरस्मिन्विश्वे देवा यजमानश्च सीदत।।

गायत्री मंत्र -:
ऊँ चन्द्रपुत्राय विदमहे रोहिणी प्रियाय धीमहि तन्नोबुध: प्रचोदयात।

बीज मंत्र -:
ऊं बुं बुधाय नम:

तांत्रोक्त मंत्र -:
ऊँ ऎं स्त्रीं श्रीं बुधाय नम:
ऊँ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:
ऊँ स्त्रीं स्त्रीं बुधाय नम:

Emerald is the stone for Mercury. If one cannot buy this then one can purchase green zircon, green agate, green firoza as substones.

बुध का रत्‍न पन्‍ना है एवं पन्‍ना धारण करने से बुध के सकारात्‍मक प्रभाव की प्राप्ति होती है।
पन्‍ना कीमती रत्‍न है। यदि कोई इसे खरीदने में असक्षम है तो वह इसके स्‍थान पर एक्‍वामेरीन, हरे रंग का जिरकॉन, फिरोजा या पेरीडॉट या हरे रंग का अकीक धारण कर सकता है।



बुध ग्रह का बारह घरों पर प्रभाव



प्रथम घर -: यह जातक हंसमुख, सरल, समझदार, मधुरभाषी होते हैं। इन्‍हें ज्‍योतिष विज्ञान और गणित का ज्ञान होता है। यदि इस भाव में सूर्य, शुक्र से पीडित है तो जातक संगीत और कला के क्षेत्र में अच्‍छा प्रदर्शन करता है। वह एक प्रतिभाशाली छात्र बनता है।

दूसरा घर -: दूसरे घर में सूर्य की उपस्थिति में जातक सोच-विचार कर धन खर्च करता है। इनकी रूचि धार्मिक कार्यों में ज्‍यादा रहती है। यह अपनी शिक्षा कॉमर्स विषय में पूरी करते हैं और एक अच्‍छे लैक्‍चरर बनते हैं। यह बुद्धिमान होते हैं।

तीसरा घर -: यह जातक काफी बुद्धिमान होते हैं। यह दूसरों की सहायता करते हैं किंतु यह स्‍वयं से अप्रसन्‍न रहते हैं। इन्‍हें लिखने और पढ़ने का शौक होता है। इन जातकों के अधिकतर दोस्‍त व्‍यापारी वर्ग से होते हैं। यह लॉटरी या धोखाधड़ी जैसे कामों से पैसा कमाते हैं। यह हमेशा आशावादी रहते हैं और जीवन से सकारात्‍मकता को खत्‍म होने नहीं देते।

चौथा घर -: बुध के चौथे भाव में होने पर जातक शिक्षा और प्रशासन के क्षेत्र में कार्य करता है। यह सरकार की आलोचना करते हैं और जीवन में काफी प्रसिद्धि हासिल करते हैं। इनके पिता आत्‍मनिर्भर व्‍यक्‍तित्‍व के होते हैं। यह दूरगामी जगहों की यात्रा करते हैं एवं इनकी रूचि संगीत, कला और संस्‍कृति में रहती है।

पांचवां घर -: यह जातक शारीरिक गतिविधियों और लव अफेयर में व्‍यस्‍त रहते हैं। यह स्‍वभाव से हंसमुख और ज्ञानी होते हैं। इन्‍हें मंत्र विद्या का अच्‍छा ज्ञान होता है जिस कारण यह लोग मंत्रों द्वारा शक्‍ति प्राप्‍त करने में सफल होते हैं।

छठा घर -: इन जातकों को अपने विरोधियों से खतरा रहता है। इन्‍हें प्राथमिक शिक्षा में असफलता प्राप्‍त होती है लेकिन कुछ समय बाद यह सम्‍माननीय व्‍यक्‍ति के रूप में उभरते हैं। यह झगड़ालू होते हैं।

सातवां घर -: यह जातक मैत्रीपूर्ण, धार्मिक और एक अच्‍छे व्‍यापारी होते हैं। इन्‍हें कानून, गणित, भूगोल और ज्‍योतिष विज्ञान का अच्‍छा ज्ञान होता है। इन जातकों को महंगे कपड़े पहनना पसंद होता है।

आठवां घर -: यह जातक स्‍वभाव से विनम्र होते हैं। इन्‍हें अपने जीवन में अत्‍यधिक समृद्धि और लोकप्रियता प्राप्‍त होती है। यह अपने कार्यों के लिए पुरस्‍कृत किए जाते हैं। किंतु यह शारीरिक रूप से कमजोर होते हैं। इनकी सेक्‍स क्षमता काफी कम होती है।

नौंवा घर -: इस भाव में बुध ग्रह के होने पर जातक अमीर और धार्मिक होता है। इस भाव में बृहस्‍पति के साथ युति होने पर जातक बढिया पाठक बनता है और ज्ञान प्राप्‍त करता है। वह लैक्‍चरर भी बन सकता है।

दसवां घर -: यह जातक प्रसन्‍न रहते हैं एवं इन्‍हें अपने जीवन में कई बार पुरस्‍कृत किया जाता है। इनकी नेत्र दृष्टि कमजोर होती है। इन्‍हें ज्‍योतिष विज्ञान और गणित का काफी ज्ञान होता है।

ग्‍यारहवां घर -: इन जातकों को अनेक विद्याओं का ज्ञान होता है। यह बुद्धिमान होते हैं। इसके अलावा यह जातक जीवन में अमीर और प्रसन्‍न रहते हैं। यह एक सफल इंजीनियर बन सकते हैं।

बारहवां घर -: इन जातकों के बच्‍चे कम होते हैं। यह चंचल स्‍वभाव के व्‍यक्‍ति होते हैं। ऐसे जातकों के विवाहेत्‍तर संबंध होते हैं। यह गरीबी में अपना जीवनयापन करते हैं।

मंगल की शांति के उपाय मंत्र और रत्न Remedies for Mars

मंगल की शांति के उपाय मंत्र और रत्न Remedies for Mars

Remedies for Mars:
Ø Red flowers should be offered in running streams

Ø Eat Jaggery and pulses and offer sweets in flowing water on Tuesday

Ø Mix sugar and jaggery in flour and bake them. Offer this sweet and chapatti`s to cow on Tuesdays 

Ø Wear rudraksha beads tightened in copper wire

Ø Offer water on shiva linga

Ø Recite Hanuman Chalisa or lord shiva Chalisa or rudrashtkam daily

Ø Offer lights in Hanuman temple and recite Bajrang Baan there only.

Ø Fast on Tuesdays and Saturdays for a year or for 21 or 45 Tuesdays and Saturdays
     मंगल ग्रह की शांति के उपाय -:

- लाल पुष्पों को जल में प्रवाहित करें।

- मंगलवार को गुड़ व मसूर की दाल का सेवन जरूर करें एवं रेवडियां पानी में विसर्जित करें

- आटे के पेड़े में गुड व चीनी मिलाकर गाय को खिलायें और मीठी रोटियों का दान करें

- ताँबे के तार में डाले गये रूद्राक्ष की माला धारण करें तथा मंगलवार को शिवलिंग पर जल चढ़ावें।

- भगवान शिव या हनुमान जी के नित्य दर्शन करें और हनुमान चालीसा या महामृत्युन्जय मंत्र की रोजाना कम से कम एक माला का जाप करे। हनुमान जी के मन्दिर में दीपदान करें तथा बजरंग बाण का प्रत्येक मंगलवार को पाठ करे

- शुक्ल पक्ष के पहले मंगलवार से 21 या 45 मंगलवार तक अथवा पूरे वर्ष मंगलवार का व्रत करें। गुड़ का बना हलवा भोग लगाने व प्रसाद बाँटने के काम में लाये और सांयकाल को वही प्रसाद ग्रहण करें

- जिस मंगलवार को व्रत करें उस दिन बिना नमक का भोजन एक बार विधिवत मंगल की पूजा अर्चना कर ग्रहण करें।

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Mars is a cruel and fiery planet that appears copper-red in color. The mantras for Mars are as follows:

Vedic Mantra:
ऊँ अग्निमूर्धादिव: ककुत्पति: पृथिव्यअयम। अपा रेता सिजिन्नवति ।

Tantrik Mantra:
ऊँ हां हंस: खं ख:
ऊँ हूं श्रीं मंगलाय नम:
ऊँ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम:

Gayatri Mantra:
ऊँ क्षिति पुत्राय विदमहे लोहितांगाय धीमहि-तन्नो भौम: प्रचोदयात

Beej Mantra:
ॐ ॐ अंगारकाय नम:।

आकाश में स्थित नौ ग्रहों में से मंगल ग्रह एक क्रूर ग्रह है। जो कि रंग में तांबे की तरह लाल दिखाई देता है। मंगलवार को किए गए ये उपाय मंगल की पीड़ा को कम करते हैं। वहीं इसकी क्रूर नजर के दोष को कम करते हैं। मंगल के कुप्रभाव को कम करने के उपाय :

मंगल के लिए वैदिक मंत्र -:
ऊँ अग्निमूर्धादिव: ककुत्पति: पृथिव्यअयम। अपा रेता सिजिन्नवति ।

मंगल के लिए तांत्रोक्त मंत्र -:
ऊँ हां हंस: खं ख:
ऊँ हूं श्रीं मंगलाय नम:
ऊँ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम:

मंगल गायत्री मंत्र -:
ऊँ क्षिति पुत्राय विदमहे लोहितांगाय धीमहि-तन्नो भौम: प्रचोदयात

मंगल के बीज मंत्र 
ॐ ॐ अंगारकाय नम:।

Red coral is the stone for Mars and can be worn if Mars is debilitated in a horoscope or it is benefic in nature for the ascendant.
Otherwise one can wear Jasper, red garnet, red pearl as substones.
मंगल ग्रह का रत्‍न मूंगा है। मंगल क्रूर होने, नीच स्‍थान में होने या फिर फलदायी होने पर उसके बुरे फल से बचाव हेतु मूंगा धारण करना चाहि
यदि इसे खरीदा जाना किसी के लिए संभव न हो तो वह संग मूंगी, लाल तामड़ा, लाल जेस्‍पर, कहरूवा (अम्‍बर) अथवा विद्रुम मणि धारण कर सकते हैं।




मंगल का बारह घरों पर प्रभाव Mars in the 12 houses of horoscope


मंगल का बारह घरों पर प्रभाव Mars in the 12 houses of horoscope

प्रथम घर -: यह जातक क्रोधी, आक्रामक एवं साहसी होते हैं। इनका शरीर आकर्षित होता है एवं शरीर पर कई तिल होते हैं। यदि मंगल ऊंचे स्‍थान में बैठा है तो जातक का निजी जीवन नर्क के समान होता है। इनके साथ किसी दुर्घटना की संभावना रहती है एवं सेक्‍स क्रियाओं में अधिक लिप्‍त रहने के कारण इनमें ऊर्जा की कमी रहती है

दूसरा घर -: इन जातकों का स्‍वभाव झगड़ालू होता है। इनका अपने ही परिवारजनों के साथ विवाद रहता है। यह कटुवचन बोलते हैं। इनके ह्रदय में किसी के भी प्रति सहानुभूति नहीं होती। इनमें धन से जुड़े निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता और साहस होता है।

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तीसरा घर -: इस भाव में मंगल के होने पर जातक के अपने भाई-बहनों के साथ संबंध अच्‍छे नहीं रहते। इनके साथ यात्रा के दौरान दुर्घटना संभव है। यह किसी भी नियम का पालन नहीं करते एवं यह दूसरों के लिए हमेशा परेशानियां उत्‍पन्‍न करते हैं।

चौथा घर -: यह जातक माता और दोस्‍तों के सान्निध्‍य से वंचित रह जाता है। इनके कम उम्र में माता को खोने की संभावना रहती है। यह राजनीति के क्षेत्र में सफल होते हैं।

पांचवां घर -: इस परिस्थिति में जातक को किसी प्राधिकरण का अधिकारी बनने का मौका मिलता है। यह स्‍वभाव से अडियल होते हैं एवं जीवन में दुखी रहते हैं। इन्‍हें अधिकतर पेट दर्द की शिकायत रहती है। अत्‍यधिक सेक्‍स करने के कारण इनका स्‍वास्‍थ्‍य ठीक नहीं रहता।

छठा घर -: यह जातक अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्‍त करते हैं और राजनीति के क्षेत्र में सफल रहते हैं। इन्‍हें अपने संबंधियों के कारण परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।

सातवां घर -: यह जातक अपने जीवनसाथी पर हावी रहते हैं। इनके दो विवाह होने की भी संभावना है। इस मामले में इनका वैवाहिक जीवन काफी उदासीन रहता है। धोखाधड़ी जैसे कामों में इनकी रूचि रहती है। बुद्धिमान होने के बावजूद यह जीवन में असफल और अव्‍यवहारिक होते हैं।

आठवां घर -: इन जातकों के जीवनसाथी की मृत्‍यु संभव है। इनका विवाहेत्‍तर संबंध होता है। इन्‍हें पथरी रोग होने की संभावना है। इनका वैवाहिक जीवन उदासीन रहता है। यह जातक दूसरों पर हुकुम चलाते हैं 

नौंवा घर -: यह जातक अधिकारी बनते हैं। यह अच्‍छे बेटे के रूप में असफल रहते हैं किंतु स्‍वभाव से ये लोग दानी होते हैं।

दसवां घर -: इस भाव में मंगल के होने पर जातक साहसी, धनी और कठोर बनता है। इन्‍हें स्‍वयं पर घमंड होता है। इस भाव में मंगल के साथ बुध की युति होने पर जातक वैज्ञानिक बनता है।
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ग्‍यारहवां घर -: यह जातक प्रभावी, अच्‍छे वक्‍ता होते हैं लेकिन यह नशे के आदी होते हैं। यह अपने जीवन में खूब धन एवं प्रॉपर्टी कमाते हैं

बारहवां घर -: जातक के पार्टनर की मृत्‍यु संभव है। यह जातक रोगी एवं स्‍वार्थी होते हैं।

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I am doing astrological readings since 2000.I did free astrology readings for hundreds for long time. Now this is my primary focus. If you feel you need divine guidance through your horoscope and remedies to improve the quality of your life then this is the place to be. Hindu astrology is based on constellations and requires very careful reading and judgment. There are several yogas or combinations in your chart which give sure shot hint about your past present and future. No one can change the past but present and future can surely be corrected up to a limit and not beyond it .People who claim that they can change the future are simply doing cheating as it can be done only by GOD ALMIGHTY .There are 27 constellations, 12 signs, 9 planets and various other things to be seen in a birth chart. I use traditional approach and KP system of astrology which is more into stellar arena but is based completely upon the traditional system. My charges are 1100 INR USD 25 you can speak to me over phone/Video/ or get the answers on your mail.

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