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Thursday, October 15, 2015

सूर्य का तुला राशी में गोचर फल

       


                              सूर्य का तुला में गोचर


१) मेष : सूर्य आपके सप्तम भाव में गोचर करेगा , जीवनसाथी से क्रोधित होने की ज़रुरत बिलकुल नहीं है ,उलटे आपको जहां तक हो सके शांति बनाये रखनी है और बातों को नरम और सम्मानजनक   रखना है। स्वास्थ्य में परेशानी हो सकती है , सर दर्द , आँखों में दर्द , पेट में खराबी आदि सामान्य समस्या हो सकती हैं। आपको वाणी  पर संयम ज़रूरी रूप से रखना है , सूर्य जब राहु के नक्षत्र में जाएगा तो आपको हानि दे सकता है। वैसे भाग्य साथ ही देने वाला बना हुआ रहेगा किन्तु  आपका मन भटकता रहेगा और आप कुछ कुत्सित कर्म भी  कर सकते हैंBuy Best Quality Ruby at discount from Amazon।


२) वृषभ : आपको आपसे जलने चिढ़ने वाले लोगों से दूर रहना चाहिए , अपने साथ के लोगों से आपका संयमित व्यवहार होना चाहिए ,प्रेम संबंधों में आपको कुछ नुक्सान हो सकता है। पत्नी /पति के कारण कुछ खर्चे अधिक करने पड़ेंगे। कोई सदस्य अस्पताल भी जा सकता है कुछ दिन। कोई ऐसी तकलीफ हो सकती है जिसकी वजह एकदम से समझ में न आये। आपके कुछ काम भी बनेंगे , सिर्फ बुरा ही होगा ऐसा नहीं है - आपके किसी अधिकारी से काम  हुए हैं तो बन सकते हैं इस समय अगर आप सेवा भाव पूर्ण रखेंगेBuy Best Quality Ruby at discount from Amazon।


३) मिथुन : प्रेम सम्बन्ध के लिए अच्छा समझ है , आपकी मित्रता नए लोगों से होगी ,मित्र लोग आपके काम भी आएंगे और आपके कुछ दुःख दर्द साझा करेंगे। व्यापारी लोगों और नौकरी पेश लोगों दोनों के लिए ही यह अच्छा गोचर रहने वाला है बस आपको अहंकार से  दूर रहना है , वाणी पर संयम रखना है और बिना किसी के आमंत्रण के आपको बीच में नहीं पड़ना  है किसीका विवाद सुलझाने आदि  के लिए। निजी जीवन अच्छा रहेगा Buy Best Quality Ruby at discount from Amazonऔर


४) कर्क : घर के लोगों से आपका तर्क वितर्क हो सकता  है और सारा वातावरण खराब हो सकता है। आपको आपके मिलने  जुलने वालों से भी अच्छे से बात करनी चाहिए और कोशिश करें की स्वयं पर समय निकल जाने से पूर्व ही नियंत्रण कर लें। आपकी सोच में नकारात्मकता नहीं होनी चाहिए। आपको अपने दफ्तर में भी विवाद से बचना चाहिए और लोगों के प्रति गलत धारणा नहीं बनानी चाहिए। भाग्य आपके  साथ बना हुआ है अतः अधिक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। फिर भी आपको लगता है की कुछ ठीक नहीं है , सूर्य की प्रत्यंतर या अंतर दशा भी  चल रही हो तो “आदित्य ह्रदय स्तोत्र” का रोज़ तीन बार एक ही बार में पाठ कीजिये।


५) सूर्य : भाग्य कुछ अधिक पक्ष में नहीं रहने वाला ,  साथ ही कोई  रोग फिर से उभर सकता है। आप बेध्यानी में कुछ ऐसा  बोल सकते हैं जिससे हानि तो होगी ही आपकी विश्वसनीयता पर भी प्रश्न चिह्न लग सकता है। आप क्रोध में अपने छोटे  भाई बहनों से कोई विवाद कर सकते हैं। आपको चाहिए की इन सब से बचें।  आपका धन भी व्यर्थ की बातों पर व्यय होगा और आप नियंत्रित करने में अक्षम रहेंगे। आप अपना ही नुक्सान अपने ही हाथों करने की अवस्था में आ सकते हैं। ध्यान आदि का सहारा लें तो आपको कुछ फायदा रहेगBuy Best Quality Ruby at discount from Amazonा।


६) कन्या : कुटुंब के  लोगों से व्यर्थ के विवाद कर सकते हैं। ससुराल पक्ष में भी कोई विवाद आपके द्वारा हो सकता है। स्वास्थ्य में कमी रह सकती है।  कन्धों में दर्द , पेट के निचले  स्थान में दर्द रह सकता है। भाग्य अधिक मित्रवत तो नहीं है किन्त्तु आपकी समय पर मदद ज़रूर हो जायेगी। जीवनसाथी से विवाद कर सकते हैं - कुछ हासिल  होना नहीं है अतः अपने संयम को बनाये रखें। घर में कोई कीमती वास्तु गायब हो सकती है , या तो रख कर आप ही भूल जाएँ   या चोरी भी हो सकती है। अतः  ध्यान रखिये इन सब बातों का।


७) तुला : कोई आपके लिए कुछ करता है तो उसका एहसान मानना भी चाहिए और उसके लिए भी आपको सदैव तत्पर रहना चाहिए। आपको सर दर्द , थकान , मांसपेशियों में अकड़न हो सकती है। कोई नया समझौता आदि पूर्ण करने के लिए सही समय नहीं है। कानूनी मसले चल रहे हैं तो तारिख आगे बढ़वा लीजिये अन्यथा आपका वकील कुछ गलती कर बैठेगा , निमित्त तो कोई भी बन सकता है। किसी अच्छे प्रस्ताव को आप मना  कर सकते हैं और स्वयं ही अपनी धन हानि कर सकते हैं। निजी जीवन में सुख नदारद रहेगाBuy Best Quality Ruby at discount from Amazon।


८) वृश्चिक : दशमेश के कमज़ोर होने से स्वाभाविक रूप से आपको कुछ न कुछ समस्या तो आनी ही है किन्तु अधिक दिन की बात भी नहीं है अतः चिंता मत कीजिये।  प्रेम सम्बन्ध भी सुखदायी नहीं रहेंगे , छोटी सी बात पर आपका मन खराब हो सकता है। शत्रु आपसे परेशान होंगे। मित्र आपके सहयोगी सिद्ध होंगे। धन को लेकर आप कोई गलत निर्णय ले सकते हैं। आपकी मानसिकता में शक और ऋणात्मकता घर कर लेगी जिससे आपको बचना चाहिए।


९) धनु : मित्र वादा करके भूल सकते हैं , उनपर अधिक भरोसा नहीं करना है वरना आप पीछे रह जाएंगे। आपके प्रयास ही आपको आगे लेकर जाएंगे।  इस समय अपने प्रयासों को पूर्ण शक्ति से लगाये रखिये और अपने ध्येय से ध्यान  मत हटने दीजिये। निजी जीवन में भी आपको कुछ अधिक तवज्जो देनी पड़ेगी तभी आपके जीवन में शांति बनी रहेगी। प्रेम प्रसंगों में आपको धोखा हो सकता हैBuy Best Quality Ruby at discount from Amazon।


१०) मकर : दशम भाव में सूर्य बड़ा प्रतापी माना गया है किन्तु इस सूर्य से आपको उतना लाभ नहीं मिलेगा , आपके प्रदर्शन में कमी आएगी और मानहानि भी हो सकती है। शिक्षा में लीन  लोगों के लिए  यह समय ध्यान भटकाने वाला सिद्ध होगा। कोई बड़ा काम आपके हाथ से फिसल सकता है और किसी सौदे के होते होते ही समाप्त होने की भी सम्भावना है। आपको इस समय में अधिक बड़े निर्णय नहीं लेना ही श्रेष्ठ रहने वाला है।जोड़ों की  हड्डियों में दर्द हो सकता है।


११) कुम्भ : आर्थिक लाभ होना है आपको किन्तु आपको कुछ समस्या का भी सामना करना पड़ेगा और साथ ही अपमान भी झेलना पड़ सकता है। धन के पीछे इतना मत इतना सोचिये की आपके जीवन के बाकी आयाम अधूरे रह जाएँ और लोगों की  उम्मीदें हैं वह पूरी न होने पाएं।  अपने कार्यक्षेत्र में सतर्क रहना आपकी ज़रुरत है क्योंकि आपके ही किसी कृत्य से आपकी छवि धूमिल हो सकती है। मदिरापान यथासंभव कम कीजियेBuy Best Quality Ruby at discount from Amazon।


१२) मीन : छठे भाव का स्वामी  अष्टम में जाता है तो विपरीत राजयोग का निर्माण करता है बशर्ते अष्टमेश भी ३ ,६ ,१२, में कहीं स्थित हो अन्यथा यह कोई ख़ास फायदा नहीं देता। आपके लिए भी बहुत विशेष लाभ तो नहीं है , आपके विरुद्ध कोई षड्यंत्र आपके शत्रु रच सकते हैं और आपको हानि भी दे सकते हैं ,आपको अपने काम काज में भी हानि उठानी हो सकती है और निजी जीवन को भी सम्भालना  पड़ सकता है। ससुराल पक्ष में आपकी छवि में कमी  आ सकती हैBuy Best Quality Ruby at discount from Amazon।





बुध का मकर में गोचर

                                   

                                        


                                              बुध का मकर में गोचर


१)  मेष : तृतीयेश और षष्ठेश के दशम में जाने से आपको लाभ ही होगा। आपकी कार्यकुशलता पैनी होगी और आपकी बातों में और अधिक बेहतरी होगी। प्रेम संबंधों के लिए भी अच्छा समय है और आपके घर में भी लोगों से आपके समबनध और मधुर होंगे। स्वास्थ्य में थोड़ी कमी आ सकती है और वह भी तब जबकि आप  प्रतयनतर दशा से गुज़र रहे हों। आपके प्रयासों में तेजी बनी रहेगी और आपको उसका भरपूर लाभ भी मिलेगा। शिक्षारत लोगों के लिए भी अच्छा समय है और किसी वैकल्पिक उत्तर वाली परीक्षा को देने से लाभ संभव है।


२) वृषभ : धनोपार्जन के लिए अच्छा समय है, आपको अपने पूर्ण प्रयास जारी  रखने चाहिए। लेखन में आपकी रूचि बन सकती है और पुस्तकों का अध्ययन कर सकते हैं। विविध विषयों जैसे राजनीति , इतिहास , दर्शन शाश्त्र , धर्मग्रंथों का आप अध्ययन कर सकते हैं।  यदि आप साधक हैं तो अपने गुरु से मिलने जा सकते हैं अथवा वे आपके पास आ सकते हैं।  कोई नया समझौता पूर्ण होने की सम्भावना है। यह गोचर आपके लिए आम तौर पर शुभ ही रहने वाला है और आपको आंतरिक आनंद की अनुभूति भी देकर जा सकता है।


३) मिथुन : लग्नेश के अष्टम में जाने से कुछ परेशानी तो होगी , किन्तु बुध अधिक दिन तक एक राशि में नहीं रहता है अतः सब जल्दी ही पूरा हो जाएगा।  आपको अपनी मानसिकता को ऊर्जावान रखना ही सबसे बढ़िया तरीका है , स्वास्थ्य को लेकर कुछ परेशानी तो अवश्य ही हो सकती है मगर साथ ही मानहानि का भी अंदेशा है। अतः अपने कर्म और  वाणी पर संयम रखें। दूसरों की बातों को पूर्ण ध्यान से सुनें और उनका समाधान करने की कोशिश करें। विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करना भी आपके लिए अच्छा रहेगा।


४) कर्क : घर के सदस्यों पर धन का व्यय होगा जो की अच्छा ही है , फ़ालतू खर्च करने से तो घर वालों की आवश्यकताओं  को पूर्ण करना ही मुख्य दायित्व होना चाहिए। मन में सुखद तरंगें चलती रहेंगी किन्तु साथ ही मन अनिर्णय के स्थिति में आ जाएगा।  आपको चाहिए की अपने निर्णयों को लेने में अधिक विचार विमर्श न करके थोड़ा कम समय में निष्कर्ष पर पहुँचें। प्रेम संबंधों में अच्छी प्रगति का योग है , निजी जीवन भी अच्छा रहने वाला है। आखिर इस से अधिक किसी को और क्या चाहिए हो सकता है ?


५) सिंह : स्वास्थ्य को लेकर कुछ सामान्य परेशानी रह सकती है ,आपको नौकरी बदलने के लिए उचित समय है।इस समय में दूर की  यात्राओं से बचना ठीक है क्योंकि आपको हानि के योग अधिक हैं और लाभ के कम।स्वयं के प्रयासों से आपको सफलता मिलेगी अतः अपने प्रयासों में कोई कमी नहीं आने दीजिये और आशावान बने रहिये। आपको भाग्य  का साथ भी मिलेगा और आपके कई काम भी बनेंगे। किन्तु अधिक आशावादिता में ऐसा न हो जाए की आप अपने प्रयासों में कमी कर दें। इस बात का ध्यान रखिये की कर्म हीन  नर कछु पावत नाहीं।


६) कन्या : दूसरों को सलाह मश्वरा देने के लिए अच्छा गोचर है , वैसे तो हम लोग मुफ्त में सलाह देने के लिए विश्वप्रसिद्ध हैं ही किन्तु यह समय ज्योतिषीय मापदंड से भी उत्तम है। आपको अपने अहंकार पर नियंत्रण रखना है।  इस से किसी का कभी भला नहीं हुआ। मित्रों के साथ बहुत आनंद लेंगे और उनसे आपको आर्थिक लाभ भी होगा। आपको भी  उनकी सिर्फ मौखिक ही नहीं बल्कि हर तरह से मदद करनी चाहिए। कला मीडिया आदि में कार्यरत लोगों के लिए अच्छा समय है।
७) तुला : घर के लोगों में सामंजस्य बना रहेगा , आपको घर में किसी सुधार कार्य आदि पर खर्च करना हो सकता है, यदि आप किराए के मकान में रह रहे हैं और बदलने का सोच रहे हैं तो यह अच्छा समय है अपने उद्देश्य को पूर्ण करने के लिए , भाग्येश की दशम पर दृष्टि आपके कामों को सरल बनाएगी और प्रगति की और अग्रसर करेगी। निजी जीवन भी अच्छा रहेगा ,प्रेम सम्बन्ध भी आपके ठीक चलेंगे। खर्चे का आपको ध्यान रखना है , जिससे की वे सीमा के पार न हो जाएँ। नुक्सान आपका ही है। थोड़ा नियंत्रण रखिये और सब ठीक हो जाएगा।


८) वृश्चिक : आपका अपने  भाइयों से सुखद समाचार  मिल सकता है , आपकी संवाद शैली में सुधार आएगा और  आपके पास पड़ोस के लोगों से आपके सम्बन्ध और बेहतर होंगे।  आपको अपने कार्य आदि के कारण आसपास के स्थानों की यात्रा करनी पड़ेगी जिसमें आपको लाभ भी रहेगा। आपको इस समय में किसी समझौते आदि को भी पूर्ण करने का अवसर मिल सकता है। आपको इस समय में अपने घर के बड़े लोगों की आज्ञा पूर्ण करनी चाहिए तथा दान पुण्य का  लाभ भी लेना चाहिए। आपमें एक ऊर्जा का संचार बना रहेगा जोकि आपको आगे बढ़ाता रहेगा।


९) धनु : धन के कारकों में से एक बुध भी होता है क्योंकि यह दशम भाव का करक माना जाता है , कर्म से ही धन आता है , और जब यह  दुसरे भाव  में गोचर करता है तो आपको धन तो देना ही चाहिए। अतः यह आपके लिए शुभ है। आपको धनलाभ तो होगा किन्तु आपको साथ ही कुछ मानसिक क्लेश भी हो सकता है। प्रेम संबंधों पर आपको काफी समय देना होगा , अच्छा भी है , आपको काफी धन भी इसी मद पर व्यय करना हो सकता है। अधिकारियों से आपकी अच्छी बनेगी  और आपके काम होते जाएंगे। ये गोचर आपके लिए काफी अच्छा रहेगा अगर आपकी बुध की प्रत्यंतर दशा चल रही हो।


१०) मकर : आपको यह गोचर  काफी लाभकारी रहेगा क्योंकि यह मंगल के नक्षत्र में भी काफी  रहने वाला है।  अतः आपके जो भी काम अधूरे पड़े हुए हैं और किसी तरह बुध गृह के अधिपत्य में आते हों तथा आपकी बुध की अंतर या प्रत्यंतर  दशा भी चल रही हो तो आपको अपने पूर्ण प्रयास करने चाहिए। आपकी सफलता के बहुत योग हैं।  व्यवसाइयों को जो जमीन का  व्यापार करते हैं उनको भी लाभ होगा। निजी जीवन अच्छा बना रहेगा रहेगा। घर में शांति रहेगी।


११) कुम्भ : धन को वापस करने के लिए अच्छा समय है , अगर किसी कारण से पहले नहीं हो पा रहा था तो अब कोशिश कीजिये - किसी का उधार रखना अच्छा नहीं होता है। घर से बाहर जाना हो सकता है , किसी  आवश्यक कार्य के कारण ऐसा कर सकते हैं। आपको लाभ ही रहेगा अतः ज़रूर अपने कामों को पूरा कीजिये।  कामकाज की स्थिति अच्छी रहेगी और आपके सम्बन्ध सभी से और प्रगाढ़ होंगे किन्तु प्रेम संबंधों में कुछ मनमुटाव रह सकता है जो अधिक दिन नहीं चलेगा। शत्रु भी आपको कष्ट नहीं दे पाएंगे और अधिकतर यह गोचर आपके हित में ही रहेगा अगर आपकी बुध की अंतर या प्रत्यंतर दशा चल रही है ,अन्यथा आपको उतना  लाभ नहीं होगा।

१२) मीन :  आपके प्रेम सम्बन्ध और प्रगाढ़ होंगे , आपको अनुमान आधारित आय के स्त्रोतों से आय संभव है - एक बार कोशिश करने में कोई हर्ज़ नहीं है। आपकी नौकरी आदि में भी आपका प्रदर्शन बेहतर होगा और आपके मित्र आपके लिए आगे बढ़ कर मदद करेंगे। आपको धन लाभ भी होगा और आप नयी वस्तुएं भी क्रय करेंगे। भाग्य आप पर कृपा दृष्टि बनाये रखेगा अतः आपको अपने सभी प्रयासों को पूर्ण शिद्दत से आगे बढ़ाना चाहिए।

बुध का धनु में गोचर

 बुध का धनु में गोचर



मेष :  बुध आपके नवम भाव में गोचर कर रहा है , यदि आप विवाहित हैं तो अथवा  यदि आपका कोई प्रेम प्रसंग चल रहा है तो उसमें आपको आनंद के पल मिलेंगे। धर्म कर्म में आपकी रूचि थोड़ी बनेगी और कुछ दान पुण्य भी आपको करना चाहिए। किसी धार्मिक स्थल पर जाने के लिए अच्छा समय है , आपको हो आना चाहिए। परिवार  के साथ  समय भी गुज़ार लेंगे और नयी खरीद्दारियां भी हो जाएंगी।
वृषभ :  धन हानि के प्रबल योग बने हुए हैं , आपके निजी जीवन में भी बाधा आ सकती है।   प्रेम संबंधों में रुकावट आएगी और  समाप्त भी हो सकते हैं। घर के लोगों से आपका कोई विवाद हो सकता है।  स्वास्थ्य में गिरावट महसूस करेंगे। मन में निराशा  जाग्रत होगी और  क्लेश भी रहेगा। आपके जान पहचान के लोगों में  से कोई आपको नुक्सान पहुंचा सकता है।  आपकी शिक्षा में बाधा  उत्पन्न होगी।  किसी साक्षात्कार में इस समय जाने का मतलब  नहीं है।


मिथुन : आपका लग्नेश लग्न को देखेगा।  यह अच्छी बात है , मन में भी ख़ुशी बनी रहेगी। कामकाज में अच्छी प्रगति होगी। आपमें  ऊर्जा की कमी नहीं आने पाएगी।  व्यापारी लोगों  के लिए फायदे की बात ही है। वैवाहिक  जीवन  सुचारू रूप से चलेगा।  प्रेम संबंधों के कारन खर्च अधिक हो सकते हैं , आप शेयर आदि में धन हानि कर  सकते हैं।कुटुम्बियों से आपका व्यवहार खुशनुमा रहेगा  पारिवारिक गोष्ठियां भी हो सकती हैं।


कर्क : कर्क लग्न के लिए बुध खर्चे का सौदा होता है। लेकिन बुध धनु राशि में  केतु , शुक्र , सूर्य के नक्षत्रों से होकर निकलता है अतः यह आपको कुछ लाभ भी देगा।  जिन जातकों को नौकरी में परेशानी हो रही है अथवा बदलना चाह रहे हैं उनको अभी प्रयास करना चाहिए , आपकी आमदनी बढ़ने के भी आसार हैं अगर आप व्यापारी वर्ग में से हैं। आपको लम्बी यात्रा पर जाने को भी मिल सकता है। धर्म कर्म दान पुण्य भी आपको करने को मिल सकता है।


सिंह : आपमें से जो जातक गण मीडिया अथवा कला  के क्षेत्र में हैं उनको लाभ होगा। अन्य को भी लाभ मिलेगा किन्तु उतना अधिक नहीं , साथ ही आपकी बुध की अंतर या प्रत्र्यान्तर दशा भी चल रही होनी चाहिए। आपको अपने कर्म क्षेत्र में अच्छी सफलता मिलेगी और आपकी संवाद शैली भी अच्छी होगी। आपमें व्यंग्य आदि करने की इच्छा बलवान होगी। आप लोगों को बहुत आनंदित करेंगे और आप सबके बीच अपना स्थान बना पाएंगे।


कन्या : लोगों से आपका जुड़ाव और गहरा होगा।  काम काज  भी अच्छा चलेगा। आपको लम्बी यात्रा  पर जाने को मिल सकता है।  परिवार के सदस्यों के बीच अच्छा तालमेल रहेगा। शिक्षा में आपकी प्रगति होगी , वाणिज्य के विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा. प्रॉपर्टी से जुड़े हुए लोगों को धनलाभ अच्छा होने की संभावना है। विदेश यात्रा भी आप कर सकते हैं जो की अल्पकालिक रहेगी। आपको चाहिए की अपने सेलफोन , लैपटॉप आदि को संभालकर प्रयोग करें अथवा खोने का डर है।


तुला : भाग्येश बुध आपके तृतीय भाव में गोचर कर  रहा है अतः आपको भाग्य का पूर्ण सहयोग मिलने की सम्भावना है , उसकी दृष्टि अपनी ही राशि मिथुन पर बनी रहेगी। यही बुध आपका द्वादशेश भी है अतः अपने विवेक और तर्क का पूर्ण इस्तेमाल करना बहुत आवश्यक है , ऐसा न हो की अतिआत्मविश्वास आपको कोई बड़ी हानि दे दे। इस से बच कर चलना चाहिए और अपने केंद्र बिंदु को सदा ध्यान में रखना चाहिए।


वृश्चिक : ससुराल पक्ष से कोई उपहार प्राप्त कर सकते हैं। आपकी अपने घर में सभी लोगों से अच्छी बनेगी। मित्र लोग आपके धनार्जन में सहयोग करेंगे। आपको बड़े भाई से कोई शुभ समाचार भी मिल  सकता है। जिनके  आप कर्ज़दार हैं वह आपको धन वापस करने के लिए बोल सकते हैं। किसी से आपको  क़र्ज़ नहीं लेना है यह ध्यान रखिये। क़र्ज़ लेकर आमतौर पर सभी  का नुक्सान ही होता है। आपको मित्रों के साथ समय बिताने को मिलेगा और धनलाभ भी होगा। व्यापारी वर्ग को ढ आने के अच्छे योग बने हुए हैं।


धनु : लग्नस्थ बुध मानसिकता  को अच्छा करता है बशर्ते किसी क्रूर गृह से युतन हो अन्यथा उसकी वृत्ति उसी क्रूर गृह जैसी हो जाती है। आपको भी हासपरिहास , घूमने फिरने आदि की बहुत इच्छा होगी और कामकाज में भी अच्छा  रहने वाला है। आपको किसी टीम का नेतृत्व करने दो दिया जा  सकता है। निजी जीवन बड़ा ही  आराम से कटेगा और वाद विवाद में भे पराजय शत्रुओं की होगी। आपकी काम की जगह पर आपका महत्त्व बढ़ेगा।


मकर : भागयेष का १२ वीन घर में जाना ठीक नहीं है हानि के योग बनते हैं।  आपको चाहिए की संभल कर अपनी योजनयें बनाये और उन पर सावधानीपूर्वक अमल करें। आपको चाहिए की अपनी कार्यक्षमता को बढाइये जिससे आपको समय पर काम समाप्त करने की सुविधा रहे नहीं तो आपके कार्यों में विलम्ब काफी निश्चित है।  संबंधों में अधिक ध्यान नहीं  देना है क्योंकि अभी उसका ठीक समय नहीं है। आपको निराशा ही हाथ लगेगी।
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कुम्भ : प्रेम संबंधों के लिए बड़ा ही अच्छा समय है , आपको अनुमान आधारित धनोपार्जन के आयामों को भी आज़मा कर देखना चाहिए। लाभ होने के अच्छे योग बने हुए हैं किन्तु आपकी बुध की ही अंतर या प्रत्यंतर दशा चल रही होनी चाहिए।
संतान पक्ष से भी आपको लाभ मिलेगा। धर्म आदि के कार्यों में भी आपकी रूचि बनेगी। आपको कई तरह के लाभ मिल सकते हैं , जो भी आपकी इच्छा है और नहीं पूरी हो पा रही है तो  उसके लिए आपको अभी से प्रयास करना चाहिए क्योंकि समय उसके लिए अच्छा है।


मीन : व्यापारिक गतिविधियों में लगे हुए लोगों को अच्छा लाभ होगा। नौकरीपेशा लोगों को उतना लाभ नहीं होगा। स्वास्थ्य को लाकेर बिलकुल भी देरी मत कीजियेगा और जल्द से जल्द डॉक्टर से परामर्श लीजियेगा। अपनी सम्प्रेषण ,संवाद ,बातचीत पर नियंत्रण रखियेगा अन्यथा ऐसा न हो की कहीं आपके  मुह से कुछ अशोभनीय निकल जाय और आपको मानहानि उठानी पड़े। नौकरी पेशा लोगों को अधिक सावधानी रखनी चाहिए।

बुध का वृश्चिक में गोचर

बुध का वृश्चिक में गोचर



मेष :- अपने सम्प्रेषण  में सावधान रहिये , किसी से ऐसा मत बोल दीजिये की उसको अत्यधिक क्रोध आ  जाए  और आपका व्यर्थ विवाद हो जाए।  उस से हासिल क्या होगा ? किसी कानूनी मसले में बात उलट सकती है अतः इसको आगे बढ़ा देना चाहिए। आपका सेलफोन कहीं गुम हो सकता है अतः सावधान रहिये। किसी और की जगह आपको किसी ज़रूरी कार्य की जिम्मेदारी दी  जा सकती है। खर्च भी होंगे और भाग्य भी उतना साथ नहीं देगा जितना आप चाह रहे हैं। आपको कार्यभार की अधिकता परेशान करके रखेगी।


वृषभ :- प्रेम प्रसंगों में नयी ऊर्जा देने  का समय है। पत्नी पर धन व्यय करेंगे। मन में हंसी मजाक , संगीत आदि चलता रहेगा - खुशनुमा बने रहेंगे। जल्द निर्णय लेंगे और मसलों को जल्दी सुलझा देने की कोशिश करेंगे , ससुराल पक्ष से कुछ प्राप्ति होने की  सम्भावना है। अविवाहित  लोगों के लिए नए सम्बन्ध इंतज़ार कर रहे हैं , गीत संगीत , फिल्म, नृत्य  जुड़े लोगों  के जीवन में नयी ताज़गी आ सकती है। व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े हुए लोगों के लिए प्रगति का समय है।


मिथुन : स्वास्थ्य में कुछ कमी आएगी , आपको सर्दी खांसी अथवा गले से सम्बंधित कोई परेशानी हो  सकती है। मानसिक  रूप से कुछ निराशा बनी रह सकती है। आपके कामों में अनावश्यक विलम्ब होगा और आपको पूर्ण रूप से संतुष्टि भी नहीं होगी। मन में कुछ अवसाद बना रहेगा। नौकरी बदलने के बारे में भी आपके विचार आपको बाध्य कर सकते हैं। मानहानि होने की बहुत संभावना है अतः आपको बच के रहना चाहिए। भाग्य का सहयोग कम ही रहेगा।


कर्क : प्रेमसंबंधों में निराशा  हाथ लगेगी और धन ,समय और मन का अपव्यय भी होगा। भाग्य का अधिक साथ नहीं मिलेगा किन्तु फिर भी आप आगे बढ़ते जाएंगे। आपको चाहिए की  इस समय अपना धैर्य नहीं खोएं और जल्दीबाज़ी में न फंसे। अन्यथा आपको हानि ही हाथ लगेगी। स्वास्थ्य का घ्यान रखना है और पारिवारिक संबंधों को भी बनाये  रखना है। घर में आपस में विवाद न हो इसका आपको  ध्यान रखना है। ससुराल में किसी से विवाद नहीं कीजियेगा। धन का अपव्यय मत कीजिये और आगे के लिए संभाल कर रखिये।सट्टे आदि में हाथ नहीं डालना है अन्यथा नुक्सान की बहुत संभावना है।


सिंह : कार्य व्यवसाय की बढ़ोतरी होगी और आपकी नौकरी में आपको अच्छा  मिलेगा , व्यापारी लोगों के लिए भी अच्छा समय है और उनको धन की अच्छी आवक होगी।  प्रॉपर्टी से जुड़े लोगों के लिए कमाने का अच्छा समय है। मित्रों की सहायता मिलेगी और उनके द्वारा आपके कुछ काम भी बनेंगे। आपको अपने स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा परेशानी हो सकती है किन्तु अधिक चिंता की कोई बात नहीं है।


कन्या : वादविवाद तर्कवितर्क आदि से आपको लाभ होगा , ये छात्रों के लिए बहुत ही बढ़िया समय है। मीडिया और इसी प्रकार के अन्य पेशों के लिए भी समय अच्छा है। आपकी छोटी यात्रा भी होंगी , भाइयों से आपकी अच्छी बनेगी , और भाग्य भी आपके साथ रहेगा। आपकी पत्नी /पति कहीं लम्बी यात्रा पर बाहर जा सकती हैं। आप अपनी प्रेमिका / प्रेमी के साथ अच्छे समय का आनंद लेंगे। नौकरी में आपकी प्रशसा होगी और आपका नाम होगा।


तुला : भाग्येश बुध आपके कुटुंब  भाव में आ गया है और आपके लिए यह शुभ ही है , बुध आपकी कुंडली में द्वादशेश भी है किन्तु फल आपको नवम भाव के ही देता है। तुला के जातक इसलिए भी व्यापर में बहुत सफल रहते हैं क्योंकि उनका भाग्यधिपति स्वयं  गृह है। आपको अपने रिश्तेदारों से आय हो सकती है , मिलना जुलना हो सकता है , आपके शत्रु  भी आपके प्रति नरम रुख अपना सकते हैं।  कुल मिलाकर आपको यह गोचर लाभकारी ही सिद्ध होने  वाला है।


वृश्चिक : आपको कोई नुक्सान होने के बहुत योग हैं , अतः सावधानी बहुत आवश्यक है। खानपान में भी आपको सावधानी रखनी चाहिए। छुआछूत की कोई बीमारी  से आप ग्रस्त हो सकते हैं। प्रेम संबंधों में बात आगे बढ़ेगी और आपकी मेहनत सफल होगी। किसी अच्छी योजना को आप मना कर सकते हैं , कोई भी काम पूर्ण सोच विचार कर कीजिये   न की भावनाओं में बहकर। उस से कुछ हासिल नहीं होता सिर्फ नुक्सान ही हाथ लगता है। जमीन जायदाद के कुछ मसले आपके जेहन में आ सकते हैं और आपको कुछ परेशानी दे सकते हैं।


धनु : कामकाज  के सिलसिले में बाहर जाना हो सकता है, कार्यों में विलम्ब और अड़चनें पैदा होंगी और आपको मानसिक रूप से परेशान करेंगी। आपको अपने फ़िज़ूलखर्ची को रोकना है , ठीक अकरयों में खर्च करेंगे तो लाभ आपका ही है। पैसे को जहाँ तक हो बचाते जाइये क्योंकि अंत में काम वही आना है। और कुछ काम नहीं आता। आपके गले में कोई मामूली समस्या उत्पन्न हो सकती है। यदि आपका शरीर स्थूलकाय है तो वजन कम करने की शुरुआत करने का अच्छा समय है।


मकर : नौकरी से परेशान हैं तो अभी बदलने के सारे विकल्प आज़मा कर देख लीजिये , हो सकता है मनपसंद नौकरी मिल जाए। आपको चाहिए की अपने दोस्तों से जितना हो सके मेल मुलाकात रखें और उनका लाभ लें।  अभी समय है , फिर निकल जाएगा। भाग्य पूर्ण सहयोग करने के लिए तैयार है , आपके कर्म सही दिशा में होंगे तो भाग्य का पूर्ण साथ मिलेगा। विदेशी संस्थाओं से कोई लें दें है तो उनसे भी आपको लाभ की बहुत संभावना है। आपकी मित्रता का दायरा और बड़ा होगा।
काम आसानी से होंगे।


कुम्भ : बुध आपके लिए और मकर लग्न के लिए दोनों के लिए ही काफी हद तक अच्छा गृह होता है , यद्यपि कुम्भ में वह अष्टमेश बन जाता है किन्तु फिर भी दुष्परिणाम बहुत ही कम देता है।  आपको अच्छी प्रगति मिलनी है इतने दिन , यदि कुंडली में बुध बुरे ग्रहों का कार्येश नहीं है तो , अन्यथा आपको कामकाज में दिक्कत आ  सकती है। धनलाभ  के अच्छे योग हैं , व्यापारी लोगों  के लिए सीधे  धनलाभ होगा और नौकरीपेशा लोगों को भी किसी न किसी तरह से फायदा पहुंचेगा। मगर ऐसा मत कीजियेगा की सारा पैसा खर्च ही कर दें , बचा कर रखिएगा।

मीन : भाग्य स्थान में बुध आपके लिए अच्छा फलदायक ही सिद्ध होगा।  आपको इस समय में कहीं घूम के आना चाहिए , विष्णु जी के मंदिर  हो आइये  स्थित ,  सैर  की सैर हो जायेगी और धर्म का काम भी। परिवार के साथ  अच्छा समय बिताने को मिलेगा और कार्य  में भी उन्नति दिखती है।  फिर तो सब अच्छा ही है आपके लिए , किसी और की तरफ आकर्षित मत होइएगा अन्यथा सारी अच्छाई का सत्यानाश  कर बैठेंगे।

बुध का तुला में गोचर



                                     बुध का  तुला में गोचर


१) मेष : जल्दीबाजी में कभी कोई काम ठीक नहीं होता , कहा भी जाता है - जल्दी का काम शैतान का , चीज़ों को बारीकी से समझने की कोशिश कीजिये तो  आपके लिए बहुत अच्छा रहेगा। सबकी सुनिए और जो मन को ठीक लगे वैसा कीजिये , किसी के कोई बात बार बार बोलने से वह सही नहीं होती। मन में विचलन बना रहेगा लेकिन आपको अपनी दृढ  इच्छा शक्ति का उपयोग करके उसे संयमित करना होगा। पत्नी /पति के साथ कुछ खट्टे मीठे पल भी आपका इंतज़ार कर रहे हैं , कोई तर्क वितर्क घर में होए तो आपको अपनी हार मान लेनी चाहिए - उसी में आपकी जीत छुपी हुई है और मन की शांति भी।


२) वृषभ : प्यार भरी बातें किस को अच्छी नहीं लगती ? आपको भी चाहिए की जिनसे आप प्यार करते हैं /करती हैं उनसे बातें तो कम से कम ऐसी कीजिये की मन में आनंद बना रहे। रूखा व्यवहार रिश्तों के गहराई को कम कर देता है। थोड़ी बहुत अनबन तो लगी ही रहती है - जीवन का हिस्सा है। साध्य पर आपका ध्यान होना चाहिए न कि साधन पर। घर के बड़ों की बातें आपको माननी चाहिए , उनकी सेवा करना आपका प्रथम कर्तव्य है। पैसा खर्च करना अच्छा तभी है जब काम की चीज़ों पर खर्च करा जाय अन्यथा उसे फूंकना कहते है जिसका कोई मतलब नहीं होता।


३) मिथुन :  मन आपका काम काज  छोड़ कर बाकी सब  चीज़ में लग जाएगा , वैसे इस समय आप शेयर मार्किट में भाग्य आज़मा सकता हैं - अगर आपको शौक है तो।  नौकरी करते हैं तो प्रदर्शन थोड़ा खराब होगा किन्तु लोगों में आप अधिक मशहूर भी हो सकते हैं , आपकी वाचालता को लोग पसंद करेंगे मगर आपको किसी की  आलोचना नहीं करनी है। लोगों को आप सही सलाह देंगे जिस से उनका फायदा भी होगा।


४) कर्क :  निजी संबंधों में आपको थोड़ा अवरोध दिखेगा , मन में असंतोष उभरेगा लेकिन आपको अपना ध्यान इनसब पर नहीं  रखना है बल्कि अपने काम पर आपका ध्यान होना चाहिए। कार्यस्थल पर आपकी क्षमता पर प्रश्नचिह्न न लगे इसका आपको ध्यान  रखना है। आपको  अपनी बातचीत  के तरीके को भी सुधारना चाहिए जिससे  लोगों में आपकी बात वही समझी जाए जो आप बताना चाह रहे हैं। कुछ लोगों को आपकी बात से असुविधा हो सकती है। आपमें थोड़ा आलस्य भी आ सकता है और घर के कामों को आप टालने की सोच सकते हैं , जबकि उनको आपको पहली प्राथमिकता पर सुलझाना चाहिए।


५) सिंह : तृतीय भाव में बुध को बहुत आनंद आता है क्योंकि यह बातचीत से भी जुड़ा हुआ है और काल पुरुष की कुंडली  में तृतीय भाव पर बुध का ही अधिपत्य होता है। आपको चाहिए की इस समय का पूर्ण उपयोग कीजिये और अपनी सम्प्रेषण शक्ति और शैली से लोगों को प्रभावित करके अपना कार्य सिद्ध कीजिये। घर में आपकी बहस वगेरह हो सकती है किन्तु आपको ही उसका निदान भी निकालना होगा। यात्रा करने के लिए अच्छा समय है , लाभकारी रहेगा।


६) कन्या : धन के विषय में अपनी योजना बनाने का यह उचित समय है। कितना देना है कितना लेना है आदि आदि , उसके साथ ही आप नयी वस्तुएं भी क्रय करने की सोच सकते हैं, अपने ससुराल पक्ष से भी कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। सभी क्षेत्रों में प्रगति ही होनी है कहीं धीमे तो कहीं तुरंत , तो आपके लिए तो यह गोचर अच्छा ही है। थोड़ा ध्यान अपने स्वास्थ्य की ओर देना है  और वाहन चलाते समय सावधानी रखनी है। आपको अपनी सोच को जहाँ तक हो अग्रगामी ही रखना है अन्यथा अपने विचारों के प्रवाह से आप स्वयं ही परेशान हो जायेंगे।
७) तुला : आपको लगेगा की सब  काम जल्द से जल्द खत्म करूँ , भाग्य भी साथ देगा और आपके कुछ काम हो भी जाएंगे किन्तु जल्दीबाजी ठीक नहीं है। आराम से विचार करने के पश्चात ही निर्णय पर आना सही रहता है। वैयक्तिक जीवन भी खुशनुमा ही रहने वाला है , कोई विशेष समस्या नहीं है। धन के प्रस्थान पर रोक लगानी चाहिए आपको , सुंदरता और सजावट आदि पर व्यय ठीक है पर कोई भी चीज़ अधिक मात्र में नुक्सान ही करती है। बातचीत को उग्र मत होने दीजियेगा , कानूनी मसले कोई हों तो अदालत के बाहर समाप्त करने की कोशिश कीजियेगा - सफलता मिल सकती है।


८) वृश्चिक : बीमारी पर कुछ छोटा खर्च हो सकता है , किसी से धन लिए हैं तो उसे वापस करने की कोशिश कीजिये , कुछ सफलता मिलेगी। लोगों को आप बिना बात के ही असहज लगेंगे और आपसे उनका व्यवहार थोड़ा सा बदला हुआ हो सकता है। शत्रु भी आपको परेशान करने का प्रयास कर सकते हैं। किसी बड़ी अनहोनी की कोई सम्भावना नहीं है , अधिकतर आपके मानसिक स्वरुप से ही सम्बद्ध रहेंगी और वास्तविकता में उतना नहीं होगा  जितना आपने सोच के रखा हुआ है। आपको अपने प्रेम संबंधों पर भी थोड़ा अधिक ध्यान देने की ज़रुरत है और उसको अधिक संवारने की कोशिश आपको करनी चाहिए।


९) धनु :  आपके लिए यह बढ़िया गोचर रहने वाला है। आपको चाहिए की आपके जो भी कार्य कुछ समय से रुके थे या किसी कारणवश नहीं हो पा रहे थे उनको  करने की कोशिश आप कीजिये। आपको काफी सफलता मिलेगी। दोस्तों से जितना हो सके मदद लीजिये , प्रेमिका /प्रेमी के साथ कुछ अच्छे लम्हे बिताने के भी अच्छे आसार हैं , धन भी आना है , तो सब आपके लिए अच्छा ही होना है। बस आपको अपनी तरफ से सिर्फ अपने क्रोध अहंकार को शांत रखना है , थोड़ा सभ्यता से सबसे पेश आना है और अपने हंसी मजाक करने के गुण को बनाये रखना है।


१०)मकर : आपको हर तरह से यह एक फायदेमंद गोचर  सिद्ध होगा , कार्यस्थल पर आपका प्रदर्शन अच्छा होगा , लोगों से आपके सम्बन्ध बेहतर होंगे , आपके निर्णय क्षमता की प्रशंसा होगी और आपको यश का भागीदार भी बनाया जा सकता है। आपको यह ध्यान रखना है की अपने मन की बात अपने ही अंदर न रहने दें और सभी से खुल कर बातचीत करें। जब तक लोगों को पता नहीं चलेगा की आप क्या सोचते हैं तब तक आपके मन की कैसे पूरी हो पाएगी। आपको अपने घर पर भी सभी को अपनी वैचारिकता का आभास करा देना चाहिए जिससे उनको पता रहे की आपको क्या चाहिए और आपको भी घर वालों से उनकी अपेक्षाएं पता करनी चाहिए। ताली तो दोनों ही हाथों से बजती है।


११) कुम्भ : बुध एक अच्छे भाव पंचम का स्वामी  तो है किन्तु अष्टम का  भी अधिपति है। आपका भाग्येश बुध का मित्र भी है , फिर भी इस समय में आप यही अच्छा है की  कुछ अधिक खराब नहीं है। अष्टमाधिपति  के भाग्य स्थान में जाने से नुक्सान होता है किन्तु यहां बुध न कुछ खास फायदा करेगा न नुक्सान। सामान्य जीवन शैली ही रहनी है किन्तु आपको धन की आवक होने के अच्छे  दूर की यात्रा आदि के भी संयोग हैं।  धार्मिक स्थलों पर जाने के लिए  अच्छा समय है और आपको -यदि संभव हो तो - हो आना चाहिए। शिवमंदिरों में भ्रमण करने के लिए उपयुक्त समय है।


१२) मीन : विवाहित जीवन में कई बातें रहती हैं , कभी झगड़ा कभी प्यार , मगर सब होते हुए भी मन में संतोष रहता है की परिवार है। अभी थोड़ा आपको परेशान होना पड़ सकता है , लेकिन कोई चिंता की बात नहीं है क्योंकि यह गोचर आपको अच्छा फल भी देकर जाएगा। ससुराल पक्ष से धन प्राप्त हो सकता है या कोई उपहार मिल सकता है , विवाहित नाहिं हैं तो आपको मित्रों द्वारा कोई सौगात दी जा सकती है।  कोई पुराना सम्बन्ध आपको नयी ताज़गी दे सकता है। आपको कोई अपरिचित की मदद मिल सकती है जो आपका कोई बड़ा काम आसान कर सकती है    


मंगल का तुला में गोचर



मंगल  का तुला में गोचर


१) मेष : गृह स्वामी जब घर को देख रहा  है तो चिंता किस  बात की ? ये ज़रूर है कि थोड़ा क्रोध पर नियंत्रण करना आवश्यक है और हिंसात्मक प्रवृत्ति को भी नियंत्रण में करना ज़रूरी है अन्यथा आप खुद को ही नुक्सान कर बैठेंगे , जीवनसाथी या साझेदाारों का जो होगा सो अलग। अहम तो न कंस का काम आया न रावण का  तो भला आपका कैसे काम आएगा , क्रोध से किसी को कुछ नहीं मिलता -  सिर्फ नुक्सान होता है। तो क्यों अपना और दूसरों का दिल दुखाने वाला काम करें ? पत्नी /पति   का स्वास्थ्य भी गड़बड़ हो सकता है और निजी जीवन में अगर  सुख नहीं है तो इतनी सारी मेहनत और पैसे पद की भागदौड़ का क्या मतलब ?


२) वृषभ : कुछ लग्न है ही ऐसी जिसके जातक खुद ही समस्या को आमंत्रण देते हैं , आपको खुश होना चाहिए की आप नहीं है। आप तो सहन करते हैं  होता है फिर सबको अच्छा सबक सिखा देते हैं। मगर अभी सहन करते जाइए , हर समय ख़ुशी ही मिलती रहे तो मज़ा भी नहीं आता है। भारत देश की लग्न भी वृषभ है , देखिये कितना सहन करते हैं हम लेकिन जब वक़्त आता है तो विजय हमारी ही होती है। थोड़ा घरेलु मसले परेशान करेंगे , अधिक परेशानी हो सकती है और आपकी धन की स्थिति भी गड़बड़ा सकती  किन्तु कोई बात नहीं , सिर्फ आपके  साथ ही नहीं बल्कि बहुत लोगों को साथ ऐसा होगा। थोड़े समय की बात है ,  सब ठीक हो जाएगा।


३) मिथुन : प्रेम  तो जीवन की सबसे बड़ी ख़ुशी प्रदान करने वाला भाव है , जो दो लोगों को सभी मुश्किलों के बाद भी बढ़ते रहने की ताकत देता है , आजकल वैसे भौतिकता और स्वार्थ ने सब पर पर्दा डाल दिया है फिर भी सच्चे प्यार करने वाले आज भी अखबारों में पढ़ने को मिल जाते हैं। जीवन के सभी सम्बन्ध विश्वास पर टिके होते हैं। अगर आपको विश्वास है तो फिर किसी बहस की कोई जगह नहीं बचती  और नहीं है तो सम्बन्ध के लिए ही कोई जगह नहीं बचती। फिर झगडे  की कोई वजह ही नहीं है।  मन के विकार आपको ही दूर करने होंगे , कोई तीसरा नहीं आने वाला। तबियत का ध्यान रखिये , खाना तेज मसाले वाला मत खाइये। बाजार  के खाने से जितना हो सके बच के रहिये।


४) कर्क :  घर के लोगों से व्यवहार ठीक रखिये , अपना अहम और क्रोध जहां तक हो त्याग दीजिये। काम काज तो आपके बढ़िया गति पकड़ेंगे - चिंता  की बात ही नहीं है , जब पैसे की आवक सही बनी हुई हो तो फिर अधिक परेशानी नहीं रहती। नौकरी जो कर रहे हैं वही करते रहिये , छोड़ने की सोच अगर आये भी तो उसे तवज्जो मत दीजिये। आगे अच्छे मौके मिलेंगे। प्यार  तो आपको बहुत बार हो जाता मगर किसी अंजाम पर नहीं पहुँचता , अधिकतर बार ऐसा हो जाता है - सबके साथ नहीं - अभी भी ऐसा ही कुछ समय चल रहा है। तो हताश मत होइए , आगे सब अच्छा ही है। अभी तो काम पर ध्यान रखिये और कहीं नहीं।


५) सिंह : आपका भाग्येश भाग्य स्थान  को देख रहा है , और क्या चाहिए इंसान को ? भाग्य साथ है तो इंसान सब कर लेता है।  फिर मंगल आपके पराक्रम भाव में गोचर कर रहा है, एक तो स्वयं महा पराक्रमी गृह खुद है  पराक्रम भाव में है तो आपके   लिए तो सब अच्छा ही है - कोई चिंता ही नहीं करनी चाहिए आपको। बस आगे बढ़ते रहिये और दूसरों की मदद भी कीजिये। झगड़ा फसाद नहीं करना है , वाहन धीमे चलाना है।  आपको घूमना बहुत पड़ेगा आस पास की जगहों पर भी , और दूर की भी मगर किसी मौके को हाथ से मत जाने दीजियेगा और लाभ ही है आपके लिए।


६) कन्या :  अष्टमेश और तृतीयेश मंगल कन्या लग्न के लिए आमतौर पर बहुत शुभ नहीं होता , तुला में मंगल राहु गुरु के नक्षत्र होते हैं और मंगल जब अपने ही नक्षत्र में रहेगा तब तक आपके लिए हानि प्रद है किन्तु गुरु के नक्षत्र में आने पर उतना हानिप्रद नहीं रह जाएगा। आपको बस इतना करना है की अपना आपा नहीं खोना है।  लोग आपके लिए शुभ विचार नहीं रखेंगे पर आपको उसकी परवाह नहीं करनी है। घर के लोगों से झगड़ा नहीं करना है , वैसे भी आप बहुत झगड़ालू किस्म के नहीं होते पर मंगल तो मंगल है। कब कैसा मन हो जाए क्या कह सकते हैं ?  आपके मन में विद्रोह आदि के भाव भी बहुत उपजेंगे पर आपको सबकुछ अपने तक ही रखना सही रहेगा। अपने बारे में अधिक मत सोचियेगा और कोई तारीफ करे तो गर्व में मत आइयेगा।


७) तुला : भाग्य का उतना साथ नहीं मिलेगा पर फिर भी आपके काम रुकेंगे नहीं , कोई न कोई रास्ता निकल ही आएगा।  आपको अपने जीवन साथी से सहयोग तो मिलेगा पर कुछ सामान्य खटपट भी चलती रहेगी। बातचीत करना एक अच्छा उपाय है और वह आपको हमेशा खुद को सही सिद्ध करने के लिए नहीं करनी चाहिए बल्कि सामने वाले की भी सुनने के लिए करनी चाहिए। थोड़ा सा काम के प्रति भी आपको गंभीर रहना है और अकड़ में या ज़िद में कोई चीज़ को ना नहीं बोलना है। घर के सदस्यों को भी आपको साथ में लेके चलना चाहिए और बीमारी या छोटी मोटी चोट से बचने का भी प्रयास करना चाहिए।


८) वृश्चिक : जैसे रोज़मर्रा के जीवन में कोई अपना ही साथ छोड़ दे तो बड़ी तकलीफ होती है , वैसे ही कुंडली में लग्न का स्वामी द्वादश  भाव में चला जाए तो दिक्कतों  का सामना करना पड़ता है। मगर ऐसा नहीं है की २१वान भाव सिर्फ खराब ही होता है , शैय्या सुख आजकल लोगों को बहुत पसंद है और यह उसका बड़ा प्रमुख भाव है। तो आपको इतना निराश भी नहीं होना है। मित्रों की सहायता भी मिेलगी और कुछ काम भी बनेंगे , बस यह है की हर काम में थोड़ा विलम्ब होगा और आपको क्रोधित करेगा। लेकिन आपको धन प्राप्ति भी होने वाली है इसलिए कोई अफ़सोस करने की ज़रुरत नहीं है। कुछ गुप्त प्रकार के सुख भी आपके लिए इंतज़ार कर रहे हैं।


९) धनु : प्रेम आदि के प्रसंग आपके लिए ख़ुशी का कारण बनेंगे , थोड़ा खर्च तो करना ही पड़ता है इन सब बातों में - तो उसकी तो आपको तैयारी  पहले से रखनी चाहिए। आजकल वैसे भी बिना खर्च किये कुछ होता नहीं है। कामकाज तो आपका बहुत अच्छा चलने वाला है उसकी चिंता हटा दीजिये। स्वयं में बहुत ऊर्जा महसूस करेंगे और लोगों को भी आपको देखकर ऊर्जा मिलेगी। मित्रों से विवाद मत कीजियेगा क्योंकि वही तो आपके लिए समय पर खड़े होते हैं , वो ही नाराज़ हो गए तो आपको समय पर मदद कौन करेगा। आपके शत्रु भी आपसे घबरा जाएंगे निश्चिंत रहिये।


१०) मकर : आपका लाभेश दशम में आकर बड़ा अच्छा योग बना  रहा है। मेष को देख रहा है और दशम को मजबूत कर रहा है अर्थात घर परिवार काम काज आदि में सबसे आपको लाभ ही लाभ है। घर की बचे हुए काम निपटा लीजिये , काम की चिंता मत कीजिये , कहीं दूर घूम आइये , परिवार को समय दीजिये बच्चों के साथ आनंद लीजिये। विवाहित नहीं है तो मित्रों के साथ या प्रेयसि के साथ आपको समय का लुत्फ़ उठाना चाहिए। अच्छा समय है , भरपूर उपयोग कीजिये।


११) कुम्भ : ९,१०,११ भाव किसी भी तरह से आपस में जुड़ जाते हैं तो जातक के लिए अच्छा ही रहता है , आपका दशमेश नवम में गया है तो अच्छा ही है , भाग्य साथ देगा , लेकिन थोड़े समय बाद जब मंगल राहु के नक्षत्र में आ जाएगा तो आपको थोड़ी सी परेशानी  होने लगेगी , घर में बड़े बुज़ुर्गों की सेहत पर थोड़ा सा दुष्प्रभाव होने की बहुत  संभावना है। आपको थोड़े दिन बाद लाभ के भी बहुत अच्छे योग बनेंगे। मित्रों से भी लाभ होगा और ससुराल से भी कुछ उपहार आदि प्राप्त हो सकते हैं। आपको चाहिए की थोड़ा दान धर्म के कार्यों में जो लोग लगे हुए हैं उनका हाथ बँटाईये - धन से , अर्थ से , प्रभाव से जैसे आपकी शक्ति हो वैसे। और बदले में कुछ पाने की आशा मत रखिये।


१२) मीन : धनेश और भाग्येश होकर मंगल आपके अष्टम में आया है तो आपको ज़रूर कुछ न कुछ देकर ही आगे बढ़ेगा। सिर्फ सुख या सिर्फ  दुःख ऐसा नहीं है - दोनों ही मिलने वाले हैं , मगर  शुरू में आपको हताशा ही हाथ लगेगी। अगर आप निराश न हों  तो आगे आपके लिए बहुत सी अच्छी बातें छुपी हुई हैं , आपको शैय्या सुख भी मिलना है , आपके गुप्त संबंधों से आपको धन भी मिलेगा  और आपको  शत्रुओं पर भी भारी  पड़ने के योग भी हैं। घर में लोगों की सेहत का ध्यान रखिये , अपनी सेहत का भी आपको ध्यान रखना है। जो भी अच्छा नहीं है वह जल्दी ही समाप्त हो जाएगा। चिंता न कीजिये।  






 

मंगल का कन्या में गोचर




                                           मंगल का कन्या में गोचर


१) मेष : लग्नेश छठे भाव में गोचर करेगा और  सूर्य चन्द्र और मंगल के नक्षत्रों में भ्रमण करेगा। मंगल स्वयं ही अष्टमेश है अतः आपको बिना बात के किसी से लड़ना झगड़ना नहीं चाहिए और अपने काम से काम रखना ही आपके लिए श्रेष्ठ  रहने वाला है।  प्रेम सम्बन्ध बहुत सुख देने वाले  नहीं होंगे तथा आपके क्रोध  और आक्रोश के कारण ही आपको हानि देंगे। संतान का स्वास्र्थय भी ख़राब रह  सकता है। वाहन चलाते समय सावधानी बहुत आवश्यक है। मदिरा पान से परहेज करें और तेज़ मसालेदार भोजन को फिलहाल दूर रखें।


२) वृषभ :  आपकी निजी ज़िन्दगी अच्छी चलेगी और प्रेम संबंधों में भी आपको प्रसन्नता प्राप्त होगी।  आपको संतान पर क्रोध नहीं करना चाहिए। संतान की तबियत  कुछ खराब रह सकती है। सट्टे आदि से लाभ नहीं  होगा अतः  दूर रहना ही अच्छा है। आपकी भाषा दूसरों को दुखी न करे इसका आपको ख्याल  रखना चाहिए। छोटी यात्रा संभव हैं , लाभ भी होगा।आपमें आत्मविश्वास की अधिकता रहेगी और इसी कारण आप लगकर अपने कार्य करते रहेंगे और सफल भी होंगे। किसी बहस या वाद विवाद में न पड़े अन्यथा आपकी हाथापाई भी संभव है। आप फ़ालतू खर्ची करेंगे।


३) मिथुन :  आपको बिना बात के गुस्सा आ सकता है , मन में खिन्नता बनी रह सकती है। इसका प्रभाव आपके निजी जीवन पर हो सकता है। आपके मित्र आपके लिए मदद करने को तत्पर रहेंगे किन्तु आपको उनसे भी संतोष नहीं होगा। धन लाभ होने के अच्छे योग हैं अतः समझदारी से काम लेंगे तो कुछ धन भी प्राप्त होगा।  छोटी यात्रा भी कर सकते हैं। आपके कार्यस्थल पर आपको प्रशंसा मिलेगी  किन्तु आपका अकारण ही किसी से विवाद संभव है। अहंकार को त्यागना ही सर्वश्रेष्ठ है। सुबह उठ कर ध्यान प्राणायाम की आदत डालिये तो आपको लाभ होगा।


४) कर्क : आपकी कम्युनिकेशन स्किल्स में सुधार आएगा। आपका आत्मविश्वास  ही सबसे अधिक आपको सहायता करेगा और आप जीवन में  आगे बढ़ेंगे। आपको भाग्य का साथ भी मिलेगा किन्तु  बहुत अधिक नहीं। अपने काम से काम रखना आज की दुनिया में बहुत बड़ा मूल मन्त्र है और इसको आपको ध्यान रखना है। कामकाज अच्छा रहेगा और व्यापारी लोगों को लाभ ही होगा , नौकरी पेश लोगों को अपने काम को समय पर या उसके पूर्व करने के कारण प्रशसा मिल सकती है। आपको लम्बी यात्र भी करने को मिल सकती है जो आपके लिए  लाभकारी भी सिद्ध होगी।


५) सिंह : घर परिवार के लोगों से मिलजुलकर रहना ही  सुखी जीवन के कई आधारों में से एक है , उनपर अपनी बात मनवाने के लिए ज़ोर डालना अच्छा नहीं होता।आपके पुराने मित्रों से आपकी मुलाक़ात होना  संभव है।  प्रेम संबंधों में प्रगति रहेगी। जीवनसाथी के कारण धन प्राप्त होने के योग हैं। धर्म कर्म में आपका योगदान बना रहेगा। किसी धार्मिक स्थल पर जाने की सम्भावना भी है। खर्चे अचानक सामने  आ सकते हैं अतः नियोजन आवश्यक है।


६) कन्या : क्रोध पर नियंत्रण बहुत आवश्यक है। आपके व्यक्तिगत जीवन के लिए भी और सामाजिक सरोकारों के लिए भी यह नितांत आवश्यक है। आपको कन्धों में , पेट  के आसपास अथवा चेहरे पर कोई घाव या चोट लग  सकती है। खर्चे अधिक होंगे और साथ ही साथ धन ने आना भी है अतः कोई बड़ी समस्या नहीं है। मित्र लोगों से , शीर्ष व्यक्तियों से आपको सहयोग मिलेगा , बड़े भाई भी आपके लिए मददगार सिद्ध होंगे। आपको उनकी सहायता लेनी चाहिए। कार्यक्षेत्र में सामान्य स्थिति बनी रहेगी।


७) तुला : निजी जीवन में संतोष नहीं रहेगा। जीवन साथी के साथ नोंकझोंक होती रहेगी। आपका मन खिन्न रह सकता है। रिश्तेदारों से विवाद संभव है। आय कम और व्यय अधिक होने की सम्भावना है।  आपको मित्रों पर अधिक भरोसा नहीं करते हुए अपने स्वयं के प्रयासों से ही भविष्य का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। इस समय मित्र भी पीछे हट सकते हैं अथवा आपको छोड़ सकते हैं। शत्रुओं को आप परेशान करेंगे , किसी कानूनी मसले में भी आप फंस सकते हैं। आपको अनिद्रा की समस्या हो सकती है।


८) वृश्चिक : प्रेम संबंधों में मज़ा नहीं आएगा , आपकी बहस हो सकती है। कोई छोटी सी बात तूल पकड़ सकती है और सब गड़बड़ हो सकता है। घर में भी आपकी कहासुनी हो सकती है। पेट में खराबी आ सकती है अतः खान पान का बहुत ध्यान रखें  और मदिरापान से दूर रहे , मसालेदार भोजन अथवा जंक फ़ूड से भी परहेज करना ही अच्छा है। आपको यदि नौकरी बदलने की इच्छा है तो यह  अच्छा समय है अपनी नौकरी बदलने के लिए।


९) धनु : अपना आपा नहीं खोना है , सभी के साथ अच्छा व्यवहार करना है।  अपने अधिकारियों का सम्मान करना अच्छी बात होती है , इससे  आपको ही आगे लाभ मिलेगा। घर के बड़े लोगों की इच्छा को पूर्ण करना आपका दायित्व है अतः आपको इसमें कोई देरी नहीं करनी चाहिए। आपको अपने से जुड़े हुए लोगों के लिए जो भी अच्छा बन सकता है वही करना चाहिए। आपके काम  काज में कुछ अड़चनें दिखती हैं लेकिन आप उनसे पार पा लेंगे।  यह गोचर आपके लिए अधिकतर शुभ ही है अतः आपको अधिक चिंता नहीं करनी है।


१०) मकर : मकर में आने पर मंगल उच्च का हो जाता है , इस लग्न के लिए मंगल लाभेश है और अभी नवम भाव में चलेगा जो की अच्छा भाव है। आपको कुछ छोटी मोटी परेशानियां आनी  हैं लेकिन  कोई फर्क नहीं पड़ता , थोड़े दिन में सब ठीक होने वाला है। जीवन साथी से क्लेश होना बहुत संभव है , आपके घर में कोई काम निकल सकता है।  जमीन के व्यवसाय में लगे हुए लोग लाभ में रहेंगे। धर्म कर्म के कार्यों में योगदान देने का समय है , पुण्य भी लीजिये और ईश्वरीय कृपा भी।


११ ) कुम्भ : दशमेश अष्टम में आने से कुछ नुक्सान तो होगा , आपको अपने आचार व्यवहार पर नियंत्रण रखना होगा।  यदि मदिरा आदि लेते हैं तो मात्रा में कमी करनी होगी और त्याग देना सबसे बेहतर है। कुछ कार्यों में व्यवधान आना है , किन्तु सेहत पर ध्यान अधिक आवश्यक है।  रोग हो सकता , अतः स्वास्थ्य को लेकर सजगता ज़रूरी है। ससुराल पक्ष से कोई अच्छी खबर आ सकती है। किसी पुराने दिए हुए उधार धन की वापसी भी हो सकती है।


१२) मीन : मंगल आपके लिए धनेश है और सप्तम में गोचर कर  रहा है , व्यापरी लोगों को अच्छा लाभ दे सकता है और दशम  अतः  नौकरी पेश लोगों को भी अपने अपने क्षेत्र में सफलता देगा।  प्रेम सबंधों में अच्छा सुख आपको मिल सकता है। विवाहित जीवन में सामान्य परेशानियां रहने वाली हैं। कोई ख़ास नुक्सान नहीं है , आपको बस अपने क्रोध पर  नियंत्रण रखना है। खान पान सदा और स्वच्छ रखना है , कहते भी हैं - जैसा खाइये अन्न वैसा हो जाए मन।

शुक्र का तुला में गोचर



शुक्र का तुला में गोचर


१) मेष : आपके सप्तम भाव में शुक्र का गोचर आपको निजी जीवन में बहुत आनंद प्रदान करेगा , आपमें प्रसन्नता बनी रहेगी और आप महँगी वस्तुओं पर खर्च भी करेंगे। आपमें आत्मबल भी बढ़ेगा और आपकी व्यंग्यपटुता में भी वृद्धि होगी। आपका मन आमोद प्रमोद  रहेगा और इसके कारण आपके दैनिक क्रिया कलाप थोड़े से प्रभावित हो सकते हैं किन्तु अधिक नुक्सान नहीं होगा। आपको लम्बी यात्रा भी करने को मिलेंगी और आपको आनंद भी आएगा।  यह गोचर धन से भी सम्बंधित है अतः आपको धन  लाभ भी होगा।


२) वृषभ : लग्नेश के छठे  घर में जाने पर कुछ अहित तो होगा , मन में आत्म विश्वास की कमी आएगी और निजी जीवन में भी कुछ परेशानियां हो सकती हैं। आपकी काम ऊर्जा भी कम हो सकती है। प्रेम सम्बन्ध भी उतने आनंददायी नहीं रहेंगे। किन्तु सब  खराब ही होगा ऐसा नहीं है , आपको अपने इष्ट मित्रों से सहयोग भी मिलेगा और आय के अन्य स्तोत्र से आपको धन भी प्राप्त होगा। यह गोचर आपको अवशय ही लाभ देकर जाएगा किन्तु इतना  है की बहुत अधिक लाभ की अपेक्षा आपको स्वयं ही नहीं करनी चाहिए।


३) मिथुन : पंचम भाव में शुक्र तो बहुत ही अच्छा है , आपकी जो भी कलात्मकता है वह उभर कर  सामने आएगी। लोगों को आपकी बातें अधिक आकर्षित करेंगी तथा आपको भी मन में एक प्रसन्नता की अंदरूनी लहर महसूस होती रहेगी। गीत संगीत मनोरंजन आदि में आपको अधिक मन लगेगा और घूमने फिरने , दोस्तों के साथ दावतें करने में भी आपका काफी समय नष्ट होगा। प्रेम संबधों में आपको थोड़ा सतर्क रहना होगा, कहीं ऐसा न हो की अपनी  मस्ती में आपका ध्यान उस आयाम पर उतना नहीं रहे और आपको नुक्सान हो।


४) कर्क : नौकरी व्यवसाय में आपकी दक्षता और बढ़ेगी  इस गोचर की अच्छी बात यह रहेगी की आप अपने रहने के स्थान में कुछ नयापन लेके आएंगे , आप चीज़ों  को बदलकर  रख सकते हैं , नए कालीन , पेंटिंग , आदि लगा कर वासस्थल की सुंदरता बढ़ा सकते हैं। आपके वाहन में भी आप ऐसा ही कुछ प्रयोग कर सकते हैं।  प्रेम संबंधों के लिए भी समय अच्छा है और आपको इसका लाभ लेना चाहिए। विवाहित लोगों को परिवार के साथ घूमने फिरने के आयोजन करने चाहिए। धर्म कर्म आदि के लिए भी यह शुभदायी गोचर रहेगा।


५) सिंह : आपके लिए यह  बहुत अच्छा समय है जब आप अपने मन की बात जिनको आप चाहते हैं उनसे कह दें , महंगे गैजेट्स भी आप ले सकते हैं। आपकी संवाद शैली मैं थोड़ी कलात्मकता भी प्रदर्शित होगी। आप नए वस्त्र आदि द्वारा अपनी नयी छवि प्रस्तुत कर सकते हैं। किन्तु आपको अधिक आत्मविश्वास में नहीं आना है और ध्यान रखना है की कहीं आपके मुह से ऐसा कुछ न निकल जाए जिससे आपको नीचा देखना पड़ जाए।  धन को लेकर आपको सावधान रहना होगा , कहीं आपसे कोई गलत निवेश न हो जाए। किसी को उधार नहीं देना है।


६) कन्या : धन  भाव में शुक्र का आगमन अच्छा है , आपको धन लाभ होना है और साथ ही कुटुम्बियों में आपसी तालेमल भी अच्छा बना  रहेगा। आपको  दूर के मित्रों से मिलने का बात करने का योग भी है और साथ ही आपकी ख्याति भी आपकी योग्यता और देश काल परिस्थिति के अनुसार बढ़ेगी। किन्तु आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना है और अत्यधिक काम क्रीड़ा में रत नहीं होना है अन्यथा आपको नुक्सान  हो सकता है। जमीन से जुड़े व्यवसाइयों को लाभ होना है , साथ ही वाहन अथवा महँगी विदेशी वस्तुओं के क्रय विक्रय में लगे हुए लोगों को भी अच्छा लाभ होगा।


७) तुला : शुक्र लग्न में आने से आपमें बहुत ऊर्जा का संचार होना है और मन में काम की इच्छा भी बढ़नी है , गीत संगीत आदि में आपकी रूचि अधिक हो जायेगी। आपके प्रयास आपको अपने कार्यों में सफलता दिलाने वाले सिद्ध होंगे। आपको खर्चों को नियंत्रण में रखना होगा और वेब साइट आदि से कोई सामान न खरीदें अन्यथा आपको गलत वस्तु मिल सकती है और आपको बेवजह परेशानी हो सकती है। निजी जीवन अच्छा बना रहेगा। स्वास्थ्य में सामान्य गिरावट आ सकती है जो की चिंतनीय बिलकुल नहीं होगी। आपको अपने जीवन साथी द्वारा भी धन लाभ हो सकता है।


८) वृश्चिक : द्वादश भाव में शुक्र आपको अधिकतर लाभ ही देने वाला है क्योंकि यह शुक्र का प्रिय स्थल है। आपको स्वास्थ्य में परेशानी होगी किन्तु वह अधिक गंभीर प्रकृति की नहीं होगी। मित्र लोगों पर अधिक भरोसा  इस समय नहीं करें अन्यथा आपको हानि हो सकती है , स्वयं के कर्म पर भरोसा करें और आगे बढ़ते रहे। आपको अपने गुप्त प्रेम संबंधों को  अधिक समय नहीं देना है अन्यथा आप अपने ही कारण थोड़े शिथिल हो सकते हैं। शुक्र इस भाव में अत्यधिक कामेच्छा प्रज्वलित करने की कोशिश करता है। इस से बचिए।


९) धनु : मित्रों से आपको बहुत फायदा होगा , और कुछ नहीं भी तो कम से कम उनके साथ बहुत समय बिताएंगे , घूमेंगे और प्रसन्नचित्त रहेंगे। यह भी स्वयं में बहुत बड़ी बात है। आपके प्रयास आपको सफलता  दिलाने में सहयोगकारी होंगे और  परिचितों का सहयोग भी आपको मिलेगा।  प्रेम संबंधों में आपको कुछ निराशा मिलनी है किन्तु वह अस्थायी रहेगी  और आपको बाद में फिर अच्छी अनुभूति मिलेगी। आपको अपने  कामकाज में भी लाभ के ही अधिक योग दीखते हैं। आपको व्यर्थ के मद में खर्च नहीं करना चाहिए।


१०) मकर : दशम स्थान का स्वामी दशम में ही गोचर करे तो आपको लाभ तो देना ही है। मीडिया , मनोरंजन , संगीत से जुड़े लोगों को लाभ होगा। आपके बहुत से काम कम मेहनत और प्रयास में ही बन जाएंगे। यदि आपका  विदेशों से सम्बंधित है तो भी आपको लाभ होना है। धर्म कर्म और तीर्थ में भी आपकी रूचि जग सकती है। आपको अपने घर की साज सज्जा करने का भी मन हो सकता है। आपमें एक ऊर्जा बनी रहेगी जो आपको सतत आगे बढाती रहेगी।


११) कुम्भ : मंगल राहु और गुरु के नक्षत्रों में से तो शुक्र निकलगा ही , अपनी राशि में भी रहेगा।  मंगल आपके लिए अच्छा ही है , राहु अवश्य   अष्टम में गोचर कर रहा है किन्तु   बाद में गुरु का भी नक्षत्र आएगा अतः आपके लिए यह गोचर हानिप्रद कम है और लाभकारी  अधिक है। भाग्य आपके साथ ही है किन्तु बीच में कुछ अवधि के लिए आपको निराश कर सकता है। कोई नया काम शुरू कर सकते हैं और दूर की यात्रा भी होना संभव है। धर्मकर्म के व्यवसाय में लगे जातकों के लिए धन लाभ अच्छा होगा।

१२) मीन : निजी जीवन में परेशानी उभर सकती है। भाग्य अधिक साथ नहीं देगा। आपमें कामेच्छा बहुत बलवती होती जाएगी। इसके अधीन नहीं होना है। ससुराल से उपहार आदि मिल  सकता है। आपके कार्यों मैं कोई विघ्न पड़ सकता है और आपको मानसिक रूप से विचलित कर सकता है।  आपको हताश नहीं होना है और अपने कर्म में लगे रहना है। आपमें आत्मबल की कमी हो सकती है। किन्तु  आने वाले समय में सब ठीक हो  जाएगा अतः कोई विशेष चिंता की बात नहीं है।     

शुक्र का कन्या में गोचर

शुक्र का कन्या में गोचर


१) मेष : सप्तम का स्वामी अपने से १२वां हो जाए तो उस भाव  की घटनाओं को हानि होती है , साथ ही शुक्र आपका धन  भाव का स्वामी भी होता है।  अतः धन की हानि और विवाहित जीवन की सुखदता से आप कुछ दिन के लिए महरूम हो सकते हैं।  प्रेम सम्बन्ध भी बिगड़ सकते हैं अतः कुलमिलाकर यह छठा घर का गोचर आपको मानसिक रूप से तो कुछ दुखी करेगा ही शारीरिक रूप से भी आपका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है और कुछ परेशानी हो सकती है। मीठा या तो कम खाइये या पूरी तरह बंद ही कर दीजिये।


२) वृषभ : प्यार के मामलों में आप चाहें तो लोगों को सलाह दे सकते हैं , अपने और दूसरों  के अनुभवों का सम्मिश्रण करके , कला संगीत के क्षेत्र के लोग कुछ असफल रह सकते हैं और आपके सम्बन्ध आपके क्षेत्र के प्रभावशाली लोगों से बिगड़ सकते हैं।  अनुमान आधारित आय के स्त्रोतों से दूर ही रहना ठीक है।  निजी जीवन में भी समस्या आ सकती हैं। आपका स्वभाव थोड़ा रूखा रह सकता है जिससे परेशानी हो सकती है। खर्चे भी  रहेंगे और उतना सुख भी नहीं मिलेगा , जीवन में थोड़ी सी नीरसता आएगी।


३) मिथुन : किसी नए प्रेम सम्बन्ध को शुरू करने के बारे में विचार करना त्याग दीजिये , अगले महीने से इस बारे में प्रयास कीजियेगा। मन में दुविधा चलती रहेगी अनेक बातों को लेकर , ह्रदय अशांत बना रहेगा। आपके कारक्षेत्र में भी आपकी दक्षता उतनी बढ़िया नहीं रह पाएगी क्योंकि मूल रूप से आपका मन एकाग्र नहीं रहने वाला। आपको अपने धन को लेकर भी कोई  बड़े फैसले अभी नहीं करने चाहिए और न ही कोई नए वास्तु खरीदनी चाहिए।


४) कर्क :  मीडिया से जुडी महिलाओं को हानि हो सकती है , आपको अपने भाई /बहन से कोई दुखद समाचार /पात्र /ईमेल  मिल सकता है। आपके प्रयासों का पूर्ण रूप से परिणाम नहीं मिलेगा और दफ्तर में भी आपकी दक्षता पर प्रश्चिह्न लग सकता है। प्रेम संबंधों में शिथिलता आएगी। आपकी वाणी में ऊर्जा की कमी नज़र आएगी। आपको अपने प्रयासों को पूर्ण रूप से जारी रखना है। हर कर्म का फल अवश्य मिलता है और आपको भी मिलेगा।


५) सिंह : नीच का शुक्र धन भाव में कुटुम्बियों से मतभेद दे सकता है , आपको धन की हानि होने के बहुत आसार हैं। इस समय में किसी  की बातों पर भरोसा करके कोई  कार्य मत कीजियेगा बल्कि सब लिखित में लेना ठीक रहेगा। व्यापीरियों को कम मुनाफा होने की सम्भावना है। कीमती सामान को आप कहीं भूल सकते हैं अथवा कोई चुरा सकता है। आपको ध्यान रखना होगा  आपकी चीज़ों का। किसी लम्बी यात्रा पर जाएँ तो सावधान रहना आपके लिए ठीक रहेगा।


६) कन्या : आपकी मनःस्थिति विचलित रहेगी , मन में निकृष्ट विचारों की अधिकता होगी और वे काम क्रीड़ा से सम्बंधित भी हो सकते हैं। आपका मन अपनी किसी महिला मित्र की तरफ अधिक आकृष्ट हो सकता है और आप उससे अनैतिक कृत्यों की उम्मीद भी कर सकते हैं।  यह सब फ़िज़ूल के बातें हैं अतः अपने मन को नियंत्रित करना ही आपके लिए सबसे श्रेष्ठ है। शैय्या सुख के लिए आप कोई विशेष प्रयास भी कर सकते हैं। आपकी काम शक्ति पर भी विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। काम काज की स्थिति सामान्य रहनी है , निजी जीवन भी यथावत बना रहेगा।


७) तुला : यह शुक्र का सबसे प्रिय स्थान है किन्तु अभी शुक्र नीच का चल रहा है अतः कुत्सित विचार आपको परेशान कर सकते हैं। मित्र लोगों से अधिक उम्मीद मत रखियेगा क्योंकि वे आपको समय आने पर छोड़ सकते हैं। आपको अपने आत्मबल और श्रम पर अधिक भरोसा करते हुए चलना है। विवाहित जीवन का  आनंद आप अपने ही कृत्यों के कारण नहीं ले पाएंगे। आपको अपने प्रयासों से पूर्ण शांति नहीं मिलने वाली है कुछ न कुछ कमी अवश्य रह जायेगी और आपकी दक्षता में कमी दूसरों की नज़र में सामने आएगी। अतः ऐसा कोई काम न करें जिससे दूसरों को कुछ बोलने का मौका मिले।


८) वृश्चिक : अधिक मित्र होने भी कभी कभी  जी का जंजाल हो जाता है। ऐसा ही आपको अनुभव कुछ समय में हो सकता है। व्यर्थ के मित्रों में आपका समय और ऊर्जा नष्ट होगी। आपको आपको लिए यह गोचर फिर भी फलदायी सिद्ध होगा , आपके काम तो होंगे किन्तु थोड़े विलम्ब से और छोटी सी कमियां रह जाएंगी जिनको आपको बाद में सही करना पड़ेगा।  किन्तु इतना तो है की आपके काम रुकने नहीं वाले। आपको नौकरी में मन लगना थोड़ा कम हो सकता है और मन भटक सकता है व्यर्थ के विचारों में किन्तु फिर भी आप पर ऊँगली नहीं उठेगी। अच्छा ही है।


९ ) धनु :   दशम भाव में कमज़ोर गृह आने से आपकी कार्यकुशलता पर तो कुछ विपरीत प्रभाव पड़ेगा ही , दूसरों की नज़र में भी आपकी छवि कुछ कमज़ोर हो सकती है। अतः आपको अपनी तरफ से अपने प्रयासों को शिथिल नहीं होने देना है और दुसरे क्या सोचते हैं इसकी तो बिलकुल भी परवाह नहीं करनी है। प्रेम संबंधों में भी आपको कुछ निराशा मिल सकती है।  घर के लोगों को भी आप संतुष्ट नहीं कर पाएंगे और उस सन्दर्भ में भी यह गोचर आपके लिए उतना शुभ सिद्ध नहीं होगा। व्यर्थ के खर्चे होंगे सो अलग।


१०) मकर : पिता से कुछ अनबन हो सकती है , काफी सम्भावना है। किसी की अधिक तो किसी की कम , किन्तु प्रयास यह रहना चाहिए की न हो। ऐसा होना अच्छा नहीं होता। भाग्य भी उतना मेहरबान नहीं दीखता है , अतः आपको अपने ही प्रयासों से इस गोचर में अपने लिए अच्छे दिन निकालने होंगे। किसी अधिकारी से आपकी बहस हो सकती है , किसी पब्लिक प्लेस पर आपकी झड़प होने की भी सम्भावना है। अतः आपको  अपना आचरण नरम रखना चाहिए। आपको अपने जीवन साथी से भी उतना सहयोग नहीं मिलेगा जितना आप चाह रहे हैं।


११) कुम्भ : अष्टम में शुक्र उतना प्रभावी नहीं होता , नीच का भी है अतः अपने फल पूर्णरूप से देने में समर्थ भी नहीं है। शुक्र ने सूर्य चन्द्र और मंगल के नक्षत्रों में भ्रमण करना है , आपके काम काज पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा ही ,साथ ही आपके विवाहित जीवन पर भी इसके अच्छे प्रभाव नहीं होने वाले। आपको गुप्तांग से सम्बंधित कोई रोग भी हो सकता है जिसकी प्रकृति अधिक गंभीर नहीं होगी और सामन्य चिकित्सा द्वारा वह ठीक हो जाएगा। आपकी वाणी काबू से बाहर हो सकती है और आपके लिए आफत बन सकती है।


१२) मीन : विवाहित जीवन का भौतिक आनंद पूर्ण  रूप से मिलना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।प्रेम सम्बन्ध  भी उतने सुखद नहीं होंगे। शत्रु भी आपको कुछ परेशान कर सकते हैं। आपकी मनःस्थिति विचलित रहेगी और आपका ध्यान एकाग्र नहीं रह पाएगा। किसी लम्बी यात्रा पर जाने से पहले यह विचार अंशी कर लें की जाना वास्तव में आवश्यक है की नहीं , अन्यथा आपको कोई अच्छा परिणाम मिलता नहीं दीखता है। संतान पक्ष से भी कुछ निराशा रह सकती है।

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I am doing astrological readings since 2000.I did free astrology readings for hundreds for long time. Now this is my primary focus. If you feel you need divine guidance through your horoscope and remedies to improve the quality of your life then this is the place to be. Hindu astrology is based on constellations and requires very careful reading and judgment. There are several yogas or combinations in your chart which give sure shot hint about your past present and future. No one can change the past but present and future can surely be corrected up to a limit and not beyond it .People who claim that they can change the future are simply doing cheating as it can be done only by GOD ALMIGHTY .There are 27 constellations, 12 signs, 9 planets and various other things to be seen in a birth chart. I use traditional approach and KP system of astrology which is more into stellar arena but is based completely upon the traditional system. My charges are 1100 INR USD 25 you can speak to me over phone/Video/ or get the answers on your mail.

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